क़ीमत क्या है
पैसा पढ़ाई का, पत्थर का नहीं।
आपकी कुंडली, हर पंचांग, हर मुहूर्त और हर राशिफल — इस साइट पर सब मुफ़्त है और आगे भी रहेगा। पैसा सिर्फ़ पंडितजी से लंबी बातचीत का लगता है, क्योंकि हर जवाब में हमारा असली ख़र्च होता है। उसका ईमानदारी से पैसा लेना हमें ठीक लगता है — आपको बेमतलब रत्न बेचना नहीं।
बिना कुछ दिए क्या मिलता है
- आपकी पूरी जन्म कुंडली — लग्न, राशि, नक्षत्र, पद, पूरा ग्रह-चक्र।
- अभी कौन-सी दशा चल रही है, और उसके बाद कौन-सी।
- कुंडली मिलान, विवाह मुहूर्त, रोज़ का पंचांग, चौघड़िया, राहु काल, राशिफल।
- साइन इन करने पर पंडितजी से 5 सवाल, और उससे पहले 2 सवाल।
संदेश पैक
पैक का मतलब — कितने संदेश, और किस तारीख़ तक चलेंगे। कुछ अपने-आप नवीनीकृत नहीं होता, कुछ दोबारा नहीं कटता, और कोई सदस्यता याद रखकर बंद नहीं करनी पड़ती।
एक सवाल
₹99₹4.95 / संदेश
20 संदेश · 7 दिन
एक बात परेशान कर रही है। ठीक से पूछिए, आगे के सवालों के साथ।
पैक अभी बिक्री पर नहीं हैं। आज कुछ चुकाने की ज़रूरत नहीं।
विस्तार
₹499₹4.16 / संदेश
120 संदेश · 30 दिन
एक महीना — शादी, करियर और पैसा, एक-एक करके।
पैक अभी बिक्री पर नहीं हैं। आज कुछ चुकाने की ज़रूरत नहीं।
सबसे चुना गया
पूर्ण पथ
₹999₹3.33 / संदेश
300 संदेश · 90 दिन
तीन महीने पंडितजी आपके साथ — पूरी कुंडली, आपकी रफ़्तार से।
पैक अभी बिक्री पर नहीं हैं। आज कुछ चुकाने की ज़रूरत नहीं।
शर्तें, सीधी भाषा में
- एक बार का भुगतान।
- कोई सदस्यता नहीं। दोबारा पैक ख़रीदे बिना कुछ नहीं कटेगा।
- एक संदेश = आपका एक सवाल।
- पंडितजी का जवाब नहीं गिना जाता। कितना ख़र्च हुआ, अपनी बातचीत में ख़ुद देख सकते हैं।
- मुफ़्त सवाल पहले।
- पैक ख़रीदने से आपके बचे हुए मुफ़्त सवाल ख़त्म नहीं होते।
- पैक की अवधि होती है।
- तारीख़ पैक पर लिखी है। जो पहले ख़त्म हो रहा है वही पहले ख़र्च होता है, इसलिए दूसरा पैक पहले वाले को बेकार नहीं करता।
- पैसा वापसी।
- हमें लिखिए, हम हल कर देंगे। वापसी के बाद पैक बंद हो जाता है; जिन सवालों के जवाब मिल गए, वे मिले ही रहते हैं।
- क़ीमत में GST शामिल है।
- भुगतान रुपये में, Razorpay से। आपका कार्ड हम कभी नहीं देखते।
जो लोग असल में पूछते हैं
कुंडली के भी पैसे लगने लगेंगे?
नहीं। कुंडली, पंचांग और मुहूर्त मुफ़्त हैं और मुफ़्त रहेंगे — यह साइट खोज (search) से बढ़ती है, और मुफ़्त औज़ारों पर ताला लगाना उसे ही ख़त्म कर देगा। पैसा सिर्फ़ बातचीत का है।
मिनट के बजाय संदेश क्यों?
क्योंकि लिखी हुई बातचीत में घड़ी नहीं चलती। मिनट के हिसाब में तय करना पड़ेगा कि जवाब पढ़कर चाय बनाने में लगे दस मिनट किसके खाते में जाएँ — और उसका कोई जवाब झगड़े के बिना नहीं निकलता। संदेश की गिनती आप अपनी बातचीत में ख़ुद जाँच सकते हैं।
बीच बातचीत में पैक ख़त्म हो जाए तो?
बातचीत वहीं रुकी रहती है। दूसरा पैक लीजिए और अगला संदेश उसी सिलसिले और उसी कुंडली से आगे चलेगा।
खाता ज़रूरी है?
ख़रीदने के लिए हाँ — संदेश किसी के नाम होने चाहिए। दो सवाल बिना खाते के पूछ सकते हैं।