Modern Panditji

पंडितजी आपके सवालों का इंतज़ार कर रहे हैं।

आप अपने वॉलेट में रक़म रखते हैं और वह सिर्फ़ तब ख़र्च होती है जब आप वाक़ई किसी पंडितजी के साथ बैठे होते हैं। पढ़ने का, सोचने का या कल लौटकर आने का कोई पैसा नहीं लगता। हर पंडितजी वही कुंडलियाँ देखते हैं, लग्न कुंडली, वर्ग कुंडलियाँ, चल रही दशा और गोचर, और हर एक की अपनी दर है।

आप किससे बात कर सकते हैं, और उनकी दर क्या है

बैठक खुली रहने तक, प्रति मिनट के हिसाब से।

  • अनन्या, 24बेंगलुरु
    ₹11/मिनट

    साथ में , और

  • मीरा, 27पुणे
    ₹31/मिनट

    साथ में , और

  • आचार्य शास्त्री, 66वाराणसी
    ₹76/मिनट

    साथ में

रिचार्ज

एक बार का भुगतान। कुछ भी ख़त्म नहीं होता।

भुगतान होते ही रक़म वॉलेट में आ जाती है। किसी भी पंडितजी के साथ ख़र्च कीजिए।

  • एक बार का भुगतान

    कुछ अपने-आप नहीं कटता, कुछ दोबारा नहीं लगता।

  • सुरक्षित भुगतान

    Razorpay से, रुपये में। आपका कार्ड हम कभी नहीं देखते।

  • कभी ख़त्म नहीं होता

    ख़रीदे हुए सवाल तब तक आपके हैं जब तक पूछ न लें, चाहे जितना समय लगे।

एक बार का भुगतान। कुछ भी ख़त्म नहीं होता।

मिनट कैसे गिने जाते हैं

  • बैठक आपके पहले संदेश से शुरू होती है।

    जब तक बैठक खुली है घड़ी चलती है, और वह तब रुकती है जब आप बैठक ख़त्म करें, पंडितजी बदलें, या कमरा शांत हो जाए।

  • दर बैठक शुरू होते ही तय हो जाती है।

    यह उसी पंडितजी की दर है जिनके साथ आप बैठे हैं, और क़ीमत सूची में बदलाव चालू बैठक को कभी नहीं छूता।

  • आपकी रक़म कभी ख़त्म नहीं होती।

    जो रिचार्ज किया वह ख़र्च होने तक आपका है, चाहे जितना समय लगे। कुछ अपने-आप नहीं कटता, कुछ दोबारा नहीं लगता।

पूछने से पहले

लोग हमसे जो सवाल भेजते हैं

शुरू में कितना रिचार्ज करूँ?
नमूने भर का नहीं, एक ठीक बैठक जितना। ज़्यादातर पंडितजी के साथ दस मिनट क़रीब सौ रुपये के होते हैं, और इतने में एक बात ठीक से पूछी जा सकती है और आगे भी पूछी जा सकती है। जो बचता है वह आपके वॉलेट में रहता है।
जवाब पढ़ते समय भी पैसे कटते हैं?
जब तक बैठक खुली है, हाँ, क्योंकि पंडितजी तब भी आपके साथ हैं। काम हो जाए तो बैठक ख़त्म कर दीजिए और घड़ी रुक जाएगी। आप चुप हो जाएँ तो कमरा कुछ मिनटों में ख़ुद बंद हो जाता है और जहाँ तक आप थे वहीं तक गिनता है।
बीच बातचीत में रक़म ख़त्म हो जाए तो?
बातचीत वहीं रुकी रहती है। रिचार्ज कीजिए और अगला सवाल उसी सिलसिले और उसी कुंडली से आगे चलेगा।
खाता ज़रूरी है?
हाँ, और बनाने में एक पल लगता है। आपका वॉलेट, आपकी कुंडली और आपका इतिहास आपके नाम होने चाहिए, और खाता ही उन्हें आपका रखता है।
पंडितजी से पूछें