पर्व
अमावस्या की तिथियाँ
यह हर चंद्र मास में लौटता है, वर्ष में एक बार नहीं, इसलिए नीचे की सूची में इन वर्षों की सारी तिथियाँ हैं।
अन्य नाम: नया चंद्र, अमावस
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सोमवार, 9 नवंबर 2026
Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है।, Ashwinaसातवाँ चंद्र मास, सितंबर से अक्टूबर तक। शारदीय नवरात्रि इसके शुक्ल पक्ष में चलती है और विजयादशमी पर पूरी होती है।
पर्व
नियम
तिथि किससे निकाली गई है, इस तरह लिखा हुआ कि आप जाँच सकें।
नया चंद्रचंद्रमा, और भारतीय पद्धति का सबसे अहम ग्रह। मन, माता और मनःस्थिति इसके पास हैं, और आपकी राशि इसी से ली जाती है।, जो अमांतवह गणना जिसमें चंद्र मास अमावस्या पर पूरा होता है। महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत इसी से चलते हैं, और यहाँ की तिथियाँ इसी में निकाली जाती हैं। महीने को समाप्त करता है और पितृ कर्म का दिन है।
दिन तय होता है सूर्योदय के समय की तिथि.
पर्व
अमावस्या की तिथियाँ
| तारीख़ | तिथिचंद्र दिन। यह चाँद की एक कला से अगली कला तक चलती है, इसलिए सूर्योदय पर ही शुरू हो, ज़रूरी नहीं। व्रत और त्योहार इसी से तय होते हैं। | चंद्र मासचंद्र मास, जिसका नाम पूर्णिमा के नक्षत्र पर पड़ता है। यह लगभग साढ़े उनतीस दिन का होता है, इसलिए अंग्रेज़ी कैलेंडर से खिसकता रहता है। |
|---|---|---|
| 29 जन॰2025 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Paushaदसवाँ चंद्र मास, दिसंबर से जनवरी तक। इसका अधिकांश समय सूर्य धनु में रहता है, इसलिए मकर संक्रांति तक विवाह रुक जाते हैं। |
| 27 फ़र॰2025 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है।यह तिथि दो निर्णायक क्षणों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाती है, इसलिए नियम अकेले दिन तय नहीं करता। यहाँ वह दिन दिया गया है जिसमें तिथि का अधिकांश भाग पड़ता है। | Maghaग्यारहवाँ चंद्र मास, जनवरी से फ़रवरी तक। प्रयाग में स्नान का महीना यही है, और वसंत पंचमी इसके शुक्ल पक्ष में पड़ती है। |
| 29 मार्च2025 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Phalgunaबारहवाँ और अंतिम चंद्र मास, फ़रवरी से मार्च तक। इसकी पूर्णिमा पर होलिका जलती है, और अगले मास से वर्ष बदल जाता है। |
| 27 अप्रैल2025 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Chaitraपहला चंद्र मास, मार्च और अप्रैल के बीच। इसकी शुक्ल प्रतिपदा नववर्ष है, जिसे गुड़ी पड़वा और उगादी कहते हैं, और उसके बाद राम नवमी आती है। |
| 27 मई2025 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Vaishakhaदूसरा चंद्र मास, अप्रैल से मई तक। इसके शुक्ल पक्ष में अक्षय तृतीया पड़ती है, और बुद्ध पूर्णिमा पर यह पूरा होता है। |
| 25 जून2025 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Jyeshthaतीसरा चंद्र मास, मई से जून तक, और बारहों में सबसे गरम। गंगा दशहरा और वट सावित्री दोनों इसी में पड़ते हैं। |
| 24 जुल॰2025 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Ashadhaचौथा चंद्र मास, जून से जुलाई तक, जब वर्षा आती है। रथ यात्रा, गुरु पूर्णिमा और चातुर्मास की शुरुआत सब इसी में पड़ते हैं। |
| 23 अग॰2025 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Shravanaपाँचवाँ चंद्र मास, जुलाई से अगस्त तक, और शिव के व्रतों का महीना। इसके सोमवार व्रत के होते हैं, और पूर्णिमा पर रक्षाबंधन आता है। |
| 21 सित॰2025 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Bhadrapadaछठा चंद्र मास, अगस्त से सितंबर तक। गणेश चतुर्थी और जन्माष्टमी इसी में पड़ते हैं, और इसकी पूर्णिमा से पितृ पक्ष शुरू होता है। |
| 21 अक्टू॰2025 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Ashwinaसातवाँ चंद्र मास, सितंबर से अक्टूबर तक। शारदीय नवरात्रि इसके शुक्ल पक्ष में चलती है और विजयादशमी पर पूरी होती है। |
| 20 नव॰2025 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Kartikaआठवाँ चंद्र मास, अक्टूबर से नवंबर तक, और यही दिवाली का महीना है। करवा चौथ, धनतेरस, छठ और कार्तिक पूर्णिमा सब इसी में आते हैं। |
| 19 दिस॰2025 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है।यह तिथि लगातार दो दिन निर्णायक क्षण को घेरती है, इसलिए कुछ पंचांग इस पर्व को अगले दिन रखते हैं। दोनों पाठ मान्य हैं। | Margashirshaनवाँ चंद्र मास, नवंबर से दिसंबर तक, जिसे अगहन या अग्रहायण भी कहते हैं। गीता जयंती इसके शुक्ल पक्ष में पड़ती है। |
| 18 जन॰2026 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Paushaदसवाँ चंद्र मास, दिसंबर से जनवरी तक। इसका अधिकांश समय सूर्य धनु में रहता है, इसलिए मकर संक्रांति तक विवाह रुक जाते हैं। |
| 17 फ़र॰2026 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Maghaग्यारहवाँ चंद्र मास, जनवरी से फ़रवरी तक। प्रयाग में स्नान का महीना यही है, और वसंत पंचमी इसके शुक्ल पक्ष में पड़ती है। |
| 19 मार्च2026 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Phalgunaबारहवाँ और अंतिम चंद्र मास, फ़रवरी से मार्च तक। इसकी पूर्णिमा पर होलिका जलती है, और अगले मास से वर्ष बदल जाता है। |
| 17 अप्रैल2026 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Chaitraपहला चंद्र मास, मार्च और अप्रैल के बीच। इसकी शुक्ल प्रतिपदा नववर्ष है, जिसे गुड़ी पड़वा और उगादी कहते हैं, और उसके बाद राम नवमी आती है। |
| 16 मई2026 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Vaishakhaदूसरा चंद्र मास, अप्रैल से मई तक। इसके शुक्ल पक्ष में अक्षय तृतीया पड़ती है, और बुद्ध पूर्णिमा पर यह पूरा होता है। |
| 15 जून2026 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | अधिक Jyeshthaतीसरा चंद्र मास, मई से जून तक, और बारहों में सबसे गरम। गंगा दशहरा और वट सावित्री दोनों इसी में पड़ते हैं। |
| 14 जुल॰2026 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Jyeshthaतीसरा चंद्र मास, मई से जून तक, और बारहों में सबसे गरम। गंगा दशहरा और वट सावित्री दोनों इसी में पड़ते हैं। |
| 12 अग॰2026 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Ashadhaचौथा चंद्र मास, जून से जुलाई तक, जब वर्षा आती है। रथ यात्रा, गुरु पूर्णिमा और चातुर्मास की शुरुआत सब इसी में पड़ते हैं। |
| 11 सित॰2026 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Shravanaपाँचवाँ चंद्र मास, जुलाई से अगस्त तक, और शिव के व्रतों का महीना। इसके सोमवार व्रत के होते हैं, और पूर्णिमा पर रक्षाबंधन आता है। |
| 10 अक्टू॰2026 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Bhadrapadaछठा चंद्र मास, अगस्त से सितंबर तक। गणेश चतुर्थी और जन्माष्टमी इसी में पड़ते हैं, और इसकी पूर्णिमा से पितृ पक्ष शुरू होता है। |
| 9 नव॰2026 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Ashwinaसातवाँ चंद्र मास, सितंबर से अक्टूबर तक। शारदीय नवरात्रि इसके शुक्ल पक्ष में चलती है और विजयादशमी पर पूरी होती है। |
| 8 दिस॰2026 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Kartikaआठवाँ चंद्र मास, अक्टूबर से नवंबर तक, और यही दिवाली का महीना है। करवा चौथ, धनतेरस, छठ और कार्तिक पूर्णिमा सब इसी में आते हैं। |
| 7 जन॰2027 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Margashirshaनवाँ चंद्र मास, नवंबर से दिसंबर तक, जिसे अगहन या अग्रहायण भी कहते हैं। गीता जयंती इसके शुक्ल पक्ष में पड़ती है। (अमांत) / Pausha (पूर्णिमांत) |
| 6 फ़र॰2027 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Paushaदसवाँ चंद्र मास, दिसंबर से जनवरी तक। इसका अधिकांश समय सूर्य धनु में रहता है, इसलिए मकर संक्रांति तक विवाह रुक जाते हैं। |
| 8 मार्च2027 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Maghaग्यारहवाँ चंद्र मास, जनवरी से फ़रवरी तक। प्रयाग में स्नान का महीना यही है, और वसंत पंचमी इसके शुक्ल पक्ष में पड़ती है। |
| 6 अप्रैल2027 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Phalgunaबारहवाँ और अंतिम चंद्र मास, फ़रवरी से मार्च तक। इसकी पूर्णिमा पर होलिका जलती है, और अगले मास से वर्ष बदल जाता है। |
| 6 मई2027 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Chaitraपहला चंद्र मास, मार्च और अप्रैल के बीच। इसकी शुक्ल प्रतिपदा नववर्ष है, जिसे गुड़ी पड़वा और उगादी कहते हैं, और उसके बाद राम नवमी आती है। |
| 4 जून2027 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Vaishakhaदूसरा चंद्र मास, अप्रैल से मई तक। इसके शुक्ल पक्ष में अक्षय तृतीया पड़ती है, और बुद्ध पूर्णिमा पर यह पूरा होता है। |
| 4 जुल॰2027 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Jyeshthaतीसरा चंद्र मास, मई से जून तक, और बारहों में सबसे गरम। गंगा दशहरा और वट सावित्री दोनों इसी में पड़ते हैं। |
| 2 अग॰2027 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Ashadhaचौथा चंद्र मास, जून से जुलाई तक, जब वर्षा आती है। रथ यात्रा, गुरु पूर्णिमा और चातुर्मास की शुरुआत सब इसी में पड़ते हैं। |
| 31 अग॰2027 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Shravanaपाँचवाँ चंद्र मास, जुलाई से अगस्त तक, और शिव के व्रतों का महीना। इसके सोमवार व्रत के होते हैं, और पूर्णिमा पर रक्षाबंधन आता है। |
| 30 सित॰2027 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Bhadrapadaछठा चंद्र मास, अगस्त से सितंबर तक। गणेश चतुर्थी और जन्माष्टमी इसी में पड़ते हैं, और इसकी पूर्णिमा से पितृ पक्ष शुरू होता है। |
| 29 अक्टू॰2027 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Ashwinaसातवाँ चंद्र मास, सितंबर से अक्टूबर तक। शारदीय नवरात्रि इसके शुक्ल पक्ष में चलती है और विजयादशमी पर पूरी होती है। |
| 28 नव॰2027 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Kartikaआठवाँ चंद्र मास, अक्टूबर से नवंबर तक, और यही दिवाली का महीना है। करवा चौथ, धनतेरस, छठ और कार्तिक पूर्णिमा सब इसी में आते हैं। |
| 27 दिस॰2027 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Margashirshaनवाँ चंद्र मास, नवंबर से दिसंबर तक, जिसे अगहन या अग्रहायण भी कहते हैं। गीता जयंती इसके शुक्ल पक्ष में पड़ती है। |
| 26 जन॰2028 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Paushaदसवाँ चंद्र मास, दिसंबर से जनवरी तक। इसका अधिकांश समय सूर्य धनु में रहता है, इसलिए मकर संक्रांति तक विवाह रुक जाते हैं। |
| 25 फ़र॰2028 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Maghaग्यारहवाँ चंद्र मास, जनवरी से फ़रवरी तक। प्रयाग में स्नान का महीना यही है, और वसंत पंचमी इसके शुक्ल पक्ष में पड़ती है। |
| 26 मार्च2028 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Phalgunaबारहवाँ और अंतिम चंद्र मास, फ़रवरी से मार्च तक। इसकी पूर्णिमा पर होलिका जलती है, और अगले मास से वर्ष बदल जाता है। |
| 24 अप्रैल2028 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Chaitraपहला चंद्र मास, मार्च और अप्रैल के बीच। इसकी शुक्ल प्रतिपदा नववर्ष है, जिसे गुड़ी पड़वा और उगादी कहते हैं, और उसके बाद राम नवमी आती है। |
| 24 मई2028 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Vaishakhaदूसरा चंद्र मास, अप्रैल से मई तक। इसके शुक्ल पक्ष में अक्षय तृतीया पड़ती है, और बुद्ध पूर्णिमा पर यह पूरा होता है। |
| 22 जून2028 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Jyeshthaतीसरा चंद्र मास, मई से जून तक, और बारहों में सबसे गरम। गंगा दशहरा और वट सावित्री दोनों इसी में पड़ते हैं। |
| 22 जुल॰2028 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Ashadhaचौथा चंद्र मास, जून से जुलाई तक, जब वर्षा आती है। रथ यात्रा, गुरु पूर्णिमा और चातुर्मास की शुरुआत सब इसी में पड़ते हैं। |
| 20 अग॰2028 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Shravanaपाँचवाँ चंद्र मास, जुलाई से अगस्त तक, और शिव के व्रतों का महीना। इसके सोमवार व्रत के होते हैं, और पूर्णिमा पर रक्षाबंधन आता है। |
| 18 सित॰2028 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Bhadrapadaछठा चंद्र मास, अगस्त से सितंबर तक। गणेश चतुर्थी और जन्माष्टमी इसी में पड़ते हैं, और इसकी पूर्णिमा से पितृ पक्ष शुरू होता है। |
| 18 अक्टू॰2028 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Ashwinaसातवाँ चंद्र मास, सितंबर से अक्टूबर तक। शारदीय नवरात्रि इसके शुक्ल पक्ष में चलती है और विजयादशमी पर पूरी होती है। |
| 16 नव॰2028 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Kartikaआठवाँ चंद्र मास, अक्टूबर से नवंबर तक, और यही दिवाली का महीना है। करवा चौथ, धनतेरस, छठ और कार्तिक पूर्णिमा सब इसी में आते हैं। |
| 16 दिस॰2028 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Margashirshaनवाँ चंद्र मास, नवंबर से दिसंबर तक, जिसे अगहन या अग्रहायण भी कहते हैं। गीता जयंती इसके शुक्ल पक्ष में पड़ती है। |
| 14 जन॰2029 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Paushaदसवाँ चंद्र मास, दिसंबर से जनवरी तक। इसका अधिकांश समय सूर्य धनु में रहता है, इसलिए मकर संक्रांति तक विवाह रुक जाते हैं। (अमांत) / Magha (पूर्णिमांत) |
| 13 फ़र॰2029 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Maghaग्यारहवाँ चंद्र मास, जनवरी से फ़रवरी तक। प्रयाग में स्नान का महीना यही है, और वसंत पंचमी इसके शुक्ल पक्ष में पड़ती है। |
| 15 मार्च2029 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Phalgunaबारहवाँ और अंतिम चंद्र मास, फ़रवरी से मार्च तक। इसकी पूर्णिमा पर होलिका जलती है, और अगले मास से वर्ष बदल जाता है। |
| 13 अप्रैल2029 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | अधिक Chaitraपहला चंद्र मास, मार्च और अप्रैल के बीच। इसकी शुक्ल प्रतिपदा नववर्ष है, जिसे गुड़ी पड़वा और उगादी कहते हैं, और उसके बाद राम नवमी आती है। |
| 13 मई2029 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Chaitraपहला चंद्र मास, मार्च और अप्रैल के बीच। इसकी शुक्ल प्रतिपदा नववर्ष है, जिसे गुड़ी पड़वा और उगादी कहते हैं, और उसके बाद राम नवमी आती है। |
| 12 जून2029 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Vaishakhaदूसरा चंद्र मास, अप्रैल से मई तक। इसके शुक्ल पक्ष में अक्षय तृतीया पड़ती है, और बुद्ध पूर्णिमा पर यह पूरा होता है। |
| 11 जुल॰2029 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Jyeshthaतीसरा चंद्र मास, मई से जून तक, और बारहों में सबसे गरम। गंगा दशहरा और वट सावित्री दोनों इसी में पड़ते हैं। |
| 10 अग॰2029 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Ashadhaचौथा चंद्र मास, जून से जुलाई तक, जब वर्षा आती है। रथ यात्रा, गुरु पूर्णिमा और चातुर्मास की शुरुआत सब इसी में पड़ते हैं। |
| 8 सित॰2029 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Shravanaपाँचवाँ चंद्र मास, जुलाई से अगस्त तक, और शिव के व्रतों का महीना। इसके सोमवार व्रत के होते हैं, और पूर्णिमा पर रक्षाबंधन आता है। |
| 7 अक्टू॰2029 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Bhadrapadaछठा चंद्र मास, अगस्त से सितंबर तक। गणेश चतुर्थी और जन्माष्टमी इसी में पड़ते हैं, और इसकी पूर्णिमा से पितृ पक्ष शुरू होता है। |
| 6 नव॰2029 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Ashwinaसातवाँ चंद्र मास, सितंबर से अक्टूबर तक। शारदीय नवरात्रि इसके शुक्ल पक्ष में चलती है और विजयादशमी पर पूरी होती है। |
| 5 दिस॰2029 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Kartikaआठवाँ चंद्र मास, अक्टूबर से नवंबर तक, और यही दिवाली का महीना है। करवा चौथ, धनतेरस, छठ और कार्तिक पूर्णिमा सब इसी में आते हैं। |
| 4 जन॰2030 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Margashirshaनवाँ चंद्र मास, नवंबर से दिसंबर तक, जिसे अगहन या अग्रहायण भी कहते हैं। गीता जयंती इसके शुक्ल पक्ष में पड़ती है। (अमांत) / Pausha (पूर्णिमांत) |
| 2 फ़र॰2030 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Paushaदसवाँ चंद्र मास, दिसंबर से जनवरी तक। इसका अधिकांश समय सूर्य धनु में रहता है, इसलिए मकर संक्रांति तक विवाह रुक जाते हैं। |
| 4 मार्च2030 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Maghaग्यारहवाँ चंद्र मास, जनवरी से फ़रवरी तक। प्रयाग में स्नान का महीना यही है, और वसंत पंचमी इसके शुक्ल पक्ष में पड़ती है। |
| 2 अप्रैल2030 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Phalgunaबारहवाँ और अंतिम चंद्र मास, फ़रवरी से मार्च तक। इसकी पूर्णिमा पर होलिका जलती है, और अगले मास से वर्ष बदल जाता है। |
| 2 मई2030 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Chaitraपहला चंद्र मास, मार्च और अप्रैल के बीच। इसकी शुक्ल प्रतिपदा नववर्ष है, जिसे गुड़ी पड़वा और उगादी कहते हैं, और उसके बाद राम नवमी आती है। |
| 1 जून2030 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Vaishakhaदूसरा चंद्र मास, अप्रैल से मई तक। इसके शुक्ल पक्ष में अक्षय तृतीया पड़ती है, और बुद्ध पूर्णिमा पर यह पूरा होता है। |
| 30 जून2030 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Jyeshthaतीसरा चंद्र मास, मई से जून तक, और बारहों में सबसे गरम। गंगा दशहरा और वट सावित्री दोनों इसी में पड़ते हैं। |
| 30 जुल॰2030 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Ashadhaचौथा चंद्र मास, जून से जुलाई तक, जब वर्षा आती है। रथ यात्रा, गुरु पूर्णिमा और चातुर्मास की शुरुआत सब इसी में पड़ते हैं। |
| 28 अग॰2030 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Shravanaपाँचवाँ चंद्र मास, जुलाई से अगस्त तक, और शिव के व्रतों का महीना। इसके सोमवार व्रत के होते हैं, और पूर्णिमा पर रक्षाबंधन आता है। |
| 27 सित॰2030 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Bhadrapadaछठा चंद्र मास, अगस्त से सितंबर तक। गणेश चतुर्थी और जन्माष्टमी इसी में पड़ते हैं, और इसकी पूर्णिमा से पितृ पक्ष शुरू होता है। |
| 26 अक्टू॰2030 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Ashwinaसातवाँ चंद्र मास, सितंबर से अक्टूबर तक। शारदीय नवरात्रि इसके शुक्ल पक्ष में चलती है और विजयादशमी पर पूरी होती है। |
| 25 नव॰2030 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Kartikaआठवाँ चंद्र मास, अक्टूबर से नवंबर तक, और यही दिवाली का महीना है। करवा चौथ, धनतेरस, छठ और कार्तिक पूर्णिमा सब इसी में आते हैं। |
| 24 दिस॰2030 | Amavasyaअमावस्या, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब आकाश में चाँद होता ही नहीं। यह पितरों के तर्पण और श्राद्ध का दिन है, और दिवाली की रात भी अमावस्या है। | Margashirshaनवाँ चंद्र मास, नवंबर से दिसंबर तक, जिसे अगहन या अग्रहायण भी कहते हैं। गीता जयंती इसके शुक्ल पक्ष में पड़ती है। |
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