पर्व
गणेश चतुर्थी की तिथियाँ
हर वर्ष की गणना चंद्रमा और सूर्य से। हर पंक्ति में वह तिथि है जिस पर पर्व पड़ता है, और चंद्र मास दोनों पद्धतियों में यानी अमांत तथा पूर्णिमांत, क्योंकि कृष्ण पक्ष में दोनों एक ही मास को अलग नाम देते हैं।
अन्य नाम: विनायक चतुर्थी, गणेशोत्सव, विनायक चविति
अगली बार
शनिवार, 4 सितंबर 2027
Shukla Chaturthiहर पक्ष की चौथी तिथि, गणेश जी की तिथि, जिस पर संकष्टी और विनायक चतुर्थी होती है। यह रिक्ता तिथि भी है, इसलिए विवाह इस पर नहीं रखा जाता।, Bhadrapadaछठा चंद्र मास, अगस्त से सितंबर तक। गणेश चतुर्थी और जन्माष्टमी इसी में पड़ते हैं, और इसकी पूर्णिमा से पितृ पक्ष शुरू होता है।
भद्रा 12:26 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं।
पर्व
नियम
तिथि किससे निकाली गई है, इस तरह लिखा हुआ कि आप जाँच सकें।
भाद्रपदछठा चंद्र मास, अगस्त से सितंबर तक। गणेश चतुर्थी और जन्माष्टमी इसी में पड़ते हैं, और इसकी पूर्णिमा से पितृ पक्ष शुरू होता है। शुक्ल चतुर्थीहर पक्ष की चौथी तिथि, गणेश जी की तिथि, जिस पर संकष्टी और विनायक चतुर्थी होती है। यह रिक्ता तिथि भी है, इसलिए विवाह इस पर नहीं रखा जाता।, मध्याह्नदिन के उजाले का तीसरा पंचमांश, यानी लगभग मध्य दिन। कुछ पर्व इसी समय की तिथि से तय होते हैं, जैसे गणेश चतुर्थी। में स्थापित। मध्याह्न वाला नियम ही वह वजह है जिससे यह तारीख़ कभी-कभी उन साइटों से अलग निकलती है जो सिर्फ़ सूर्योदय देखती हैं।
दिन तय होता है मध्याह्नदिन के उजाले का तीसरा पंचमांश, यानी लगभग मध्य दिन। कुछ पर्व इसी समय की तिथि से तय होते हैं, जैसे गणेश चतुर्थी। की तिथि, दिन का तीसरा पंचमांश.
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गणेश चतुर्थी की तिथियाँ
| वर्ष | तारीख़ | तिथिचंद्र दिन। यह चाँद की एक कला से अगली कला तक चलती है, इसलिए सूर्योदय पर ही शुरू हो, ज़रूरी नहीं। व्रत और त्योहार इसी से तय होते हैं। | चंद्र मासचंद्र मास, जिसका नाम पूर्णिमा के नक्षत्र पर पड़ता है। यह लगभग साढ़े उनतीस दिन का होता है, इसलिए अंग्रेज़ी कैलेंडर से खिसकता रहता है। |
|---|---|---|---|
| 2025बुधवार | बुधवार, 27 अगस्त 2025 | Shukla Chaturthiहर पक्ष की चौथी तिथि, गणेश जी की तिथि, जिस पर संकष्टी और विनायक चतुर्थी होती है। यह रिक्ता तिथि भी है, इसलिए विवाह इस पर नहीं रखा जाता। | Bhadrapadaछठा चंद्र मास, अगस्त से सितंबर तक। गणेश चतुर्थी और जन्माष्टमी इसी में पड़ते हैं, और इसकी पूर्णिमा से पितृ पक्ष शुरू होता है।भद्रा 03:44 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 2026सोमवार | सोमवार, 14 सितंबर 2026 | Shukla Chaturthiहर पक्ष की चौथी तिथि, गणेश जी की तिथि, जिस पर संकष्टी और विनायक चतुर्थी होती है। यह रिक्ता तिथि भी है, इसलिए विवाह इस पर नहीं रखा जाता। | Bhadrapadaछठा चंद्र मास, अगस्त से सितंबर तक। गणेश चतुर्थी और जन्माष्टमी इसी में पड़ते हैं, और इसकी पूर्णिमा से पितृ पक्ष शुरू होता है।भद्रा 07:44 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 2027शनिवार | शनिवार, 4 सितंबर 2027 | Shukla Chaturthiहर पक्ष की चौथी तिथि, गणेश जी की तिथि, जिस पर संकष्टी और विनायक चतुर्थी होती है। यह रिक्ता तिथि भी है, इसलिए विवाह इस पर नहीं रखा जाता। | Bhadrapadaछठा चंद्र मास, अगस्त से सितंबर तक। गणेश चतुर्थी और जन्माष्टमी इसी में पड़ते हैं, और इसकी पूर्णिमा से पितृ पक्ष शुरू होता है।भद्रा 12:26 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 2028बुधवार | बुधवार, 23 अगस्त 2028 | Shukla Chaturthiहर पक्ष की चौथी तिथि, गणेश जी की तिथि, जिस पर संकष्टी और विनायक चतुर्थी होती है। यह रिक्ता तिथि भी है, इसलिए विवाह इस पर नहीं रखा जाता। | Bhadrapadaछठा चंद्र मास, अगस्त से सितंबर तक। गणेश चतुर्थी और जन्माष्टमी इसी में पड़ते हैं, और इसकी पूर्णिमा से पितृ पक्ष शुरू होता है।भद्रा 01:55 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 2029मंगलवार | मंगलवार, 11 सितंबर 2029 | Shukla Chaturthiहर पक्ष की चौथी तिथि, गणेश जी की तिथि, जिस पर संकष्टी और विनायक चतुर्थी होती है। यह रिक्ता तिथि भी है, इसलिए विवाह इस पर नहीं रखा जाता। | Bhadrapadaछठा चंद्र मास, अगस्त से सितंबर तक। गणेश चतुर्थी और जन्माष्टमी इसी में पड़ते हैं, और इसकी पूर्णिमा से पितृ पक्ष शुरू होता है।भद्रा 02:57 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 2030रविवार | रविवार, 1 सितंबर 2030 | Shukla Chaturthiहर पक्ष की चौथी तिथि, गणेश जी की तिथि, जिस पर संकष्टी और विनायक चतुर्थी होती है। यह रिक्ता तिथि भी है, इसलिए विवाह इस पर नहीं रखा जाता। | Bhadrapadaछठा चंद्र मास, अगस्त से सितंबर तक। गणेश चतुर्थी और जन्माष्टमी इसी में पड़ते हैं, और इसकी पूर्णिमा से पितृ पक्ष शुरू होता है।भद्रा 10:38 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
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दूसरे पर्व
हर एक अपने नियम और अपनी तिथियों के साथ।
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वर्ष भर के सभी पर्व और व्रत, एक ही सूची में।
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