पर्व
पूर्णिमा की तिथियाँ
यह हर चंद्र मास में लौटता है, वर्ष में एक बार नहीं, इसलिए नीचे की सूची में इन वर्षों की सारी तिथियाँ हैं।
अन्य नाम: पूर्ण चंद्र, पूनम
अगली बार
सोमवार, 26 अक्टूबर 2026
Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है।, Ashwinaसातवाँ चंद्र मास, सितंबर से अक्टूबर तक। शारदीय नवरात्रि इसके शुक्ल पक्ष में चलती है और विजयादशमी पर पूरी होती है।
भद्रा 10:52 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं।
पर्व
नियम
तिथि किससे निकाली गई है, इस तरह लिखा हुआ कि आप जाँच सकें।
पूर्ण चंद्रचंद्रमा, और भारतीय पद्धति का सबसे अहम ग्रह। मन, माता और मनःस्थिति इसके पास हैं, और आपकी राशि इसी से ली जाती है।, और वही दिन जहाँ अमांतवह गणना जिसमें चंद्र मास अमावस्या पर पूरा होता है। महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत इसी से चलते हैं, और यहाँ की तिथियाँ इसी में निकाली जाती हैं। तथा पूर्णिमांतवह गणना जिसमें चंद्र मास पूर्णिमा पर पूरा होता है। उत्तर भारत इसी से चलता है, इसलिए कृष्ण पक्ष में उसका मास नाम एक आगे चलता है। महीने अलग हो जाते हैं।
दिन तय होता है सूर्योदय के समय की तिथि.
पर्व
पूर्णिमा की तिथियाँ
| तारीख़ | तिथिचंद्र दिन। यह चाँद की एक कला से अगली कला तक चलती है, इसलिए सूर्योदय पर ही शुरू हो, ज़रूरी नहीं। व्रत और त्योहार इसी से तय होते हैं। | चंद्र मासचंद्र मास, जिसका नाम पूर्णिमा के नक्षत्र पर पड़ता है। यह लगभग साढ़े उनतीस दिन का होता है, इसलिए अंग्रेज़ी कैलेंडर से खिसकता रहता है। |
|---|---|---|
| 13 जन॰2025 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Paushaदसवाँ चंद्र मास, दिसंबर से जनवरी तक। इसका अधिकांश समय सूर्य धनु में रहता है, इसलिए मकर संक्रांति तक विवाह रुक जाते हैं।भद्रा 04:26 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 12 फ़र॰2025 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Maghaग्यारहवाँ चंद्र मास, जनवरी से फ़रवरी तक। प्रयाग में स्नान का महीना यही है, और वसंत पंचमी इसके शुक्ल पक्ष में पड़ती है।भद्रा 07:05 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 14 मार्च2025 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Phalgunaबारहवाँ और अंतिम चंद्र मास, फ़रवरी से मार्च तक। इसकी पूर्णिमा पर होलिका जलती है, और अगले मास से वर्ष बदल जाता है।भद्रा 11:27 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 12 अप्रैल2025 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Chaitraपहला चंद्र मास, मार्च और अप्रैल के बीच। इसकी शुक्ल प्रतिपदा नववर्ष है, जिसे गुड़ी पड़वा और उगादी कहते हैं, और उसके बाद राम नवमी आती है।भद्रा 04:36 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 12 मई2025 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Vaishakhaदूसरा चंद्र मास, अप्रैल से मई तक। इसके शुक्ल पक्ष में अक्षय तृतीया पड़ती है, और बुद्ध पूर्णिमा पर यह पूरा होता है।भद्रा 09:15 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 11 जून2025 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Jyeshthaतीसरा चंद्र मास, मई से जून तक, और बारहों में सबसे गरम। गंगा दशहरा और वट सावित्री दोनों इसी में पड़ते हैं।भद्रा 12:27 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 10 जुल॰2025 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Ashadhaचौथा चंद्र मास, जून से जुलाई तक, जब वर्षा आती है। रथ यात्रा, गुरु पूर्णिमा और चातुर्मास की शुरुआत सब इसी में पड़ते हैं।भद्रा 01:55 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 9 अग॰2025 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Shravanaपाँचवाँ चंद्र मास, जुलाई से अगस्त तक, और शिव के व्रतों का महीना। इसके सोमवार व्रत के होते हैं, और पूर्णिमा पर रक्षाबंधन आता है।भद्रा 01:52 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 7 सित॰2025 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Bhadrapadaछठा चंद्र मास, अगस्त से सितंबर तक। गणेश चतुर्थी और जन्माष्टमी इसी में पड़ते हैं, और इसकी पूर्णिमा से पितृ पक्ष शुरू होता है।भद्रा 12:43 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 7 अक्टू॰2025 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Ashwinaसातवाँ चंद्र मास, सितंबर से अक्टूबर तक। शारदीय नवरात्रि इसके शुक्ल पक्ष में चलती है और विजयादशमी पर पूरी होती है।भद्रा 10:53 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 5 नव॰2025 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Kartikaआठवाँ चंद्र मास, अक्टूबर से नवंबर तक, और यही दिवाली का महीना है। करवा चौथ, धनतेरस, छठ और कार्तिक पूर्णिमा सब इसी में आते हैं।भद्रा 08:44 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 4 दिस॰2025 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है।यह तिथि दो निर्णायक क्षणों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाती है, इसलिए नियम अकेले दिन तय नहीं करता। यहाँ वह दिन दिया गया है जिसमें तिथि का अधिकांश भाग पड़ता है। | Margashirshaनवाँ चंद्र मास, नवंबर से दिसंबर तक, जिसे अगहन या अग्रहायण भी कहते हैं। गीता जयंती इसके शुक्ल पक्ष में पड़ती है।भद्रा 06:41 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 3 जन॰2026 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Paushaदसवाँ चंद्र मास, दिसंबर से जनवरी तक। इसका अधिकांश समय सूर्य धनु में रहता है, इसलिए मकर संक्रांति तक विवाह रुक जाते हैं।भद्रा 05:11 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 1 फ़र॰2026 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Maghaग्यारहवाँ चंद्र मास, जनवरी से फ़रवरी तक। प्रयाग में स्नान का महीना यही है, और वसंत पंचमी इसके शुक्ल पक्ष में पड़ती है।भद्रा 04:43 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 3 मार्च2026 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Phalgunaबारहवाँ और अंतिम चंद्र मास, फ़रवरी से मार्च तक। इसकी पूर्णिमा पर होलिका जलती है, और अगले मास से वर्ष बदल जाता है।भद्रा 05:28 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 2 अप्रैल2026 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Chaitraपहला चंद्र मास, मार्च और अप्रैल के बीच। इसकी शुक्ल प्रतिपदा नववर्ष है, जिसे गुड़ी पड़वा और उगादी कहते हैं, और उसके बाद राम नवमी आती है।भद्रा 07:21 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 1 मई2026 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Vaishakhaदूसरा चंद्र मास, अप्रैल से मई तक। इसके शुक्ल पक्ष में अक्षय तृतीया पड़ती है, और बुद्ध पूर्णिमा पर यह पूरा होता है।भद्रा 10:00 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 31 मई2026 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | अधिक Jyeshthaतीसरा चंद्र मास, मई से जून तक, और बारहों में सबसे गरम। गंगा दशहरा और वट सावित्री दोनों इसी में पड़ते हैं।भद्रा 01:05 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 29 जून2026 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है।यह तिथि लगातार दो दिन निर्णायक क्षण को घेरती है, इसलिए कुछ पंचांग इस पर्व को अगले दिन रखते हैं। दोनों पाठ मान्य हैं। | Jyeshthaतीसरा चंद्र मास, मई से जून तक, और बारहों में सबसे गरम। गंगा दशहरा और वट सावित्री दोनों इसी में पड़ते हैं।भद्रा 04:17 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 29 जुल॰2026 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Ashadhaचौथा चंद्र मास, जून से जुलाई तक, जब वर्षा आती है। रथ यात्रा, गुरु पूर्णिमा और चातुर्मास की शुरुआत सब इसी में पड़ते हैं।भद्रा 07:15 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 28 अग॰2026 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Shravanaपाँचवाँ चंद्र मास, जुलाई से अगस्त तक, और शिव के व्रतों का महीना। इसके सोमवार व्रत के होते हैं, और पूर्णिमा पर रक्षाबंधन आता है।भद्रा 09:32 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 26 सित॰2026 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Bhadrapadaछठा चंद्र मास, अगस्त से सितंबर तक। गणेश चतुर्थी और जन्माष्टमी इसी में पड़ते हैं, और इसकी पूर्णिमा से पितृ पक्ष शुरू होता है।भद्रा 10:47 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 26 अक्टू॰2026 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Ashwinaसातवाँ चंद्र मास, सितंबर से अक्टूबर तक। शारदीय नवरात्रि इसके शुक्ल पक्ष में चलती है और विजयादशमी पर पूरी होती है।भद्रा 10:52 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 24 नव॰2026 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Kartikaआठवाँ चंद्र मास, अक्टूबर से नवंबर तक, और यही दिवाली का महीना है। करवा चौथ, धनतेरस, छठ और कार्तिक पूर्णिमा सब इसी में आते हैं।भद्रा 10:05 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 23 दिस॰2026 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है।यह तिथि दो निर्णायक क्षणों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाती है, इसलिए नियम अकेले दिन तय नहीं करता। यहाँ वह दिन दिया गया है जिसमें तिथि का अधिकांश भाग पड़ता है। | Margashirshaनवाँ चंद्र मास, नवंबर से दिसंबर तक, जिसे अगहन या अग्रहायण भी कहते हैं। गीता जयंती इसके शुक्ल पक्ष में पड़ती है।भद्रा 08:53 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 22 जन॰2027 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Paushaदसवाँ चंद्र मास, दिसंबर से जनवरी तक। इसका अधिकांश समय सूर्य धनु में रहता है, इसलिए मकर संक्रांति तक विवाह रुक जाते हैं।भद्रा 07:38 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 20 फ़र॰2027 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है।यह तिथि दो निर्णायक क्षणों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाती है, इसलिए नियम अकेले दिन तय नहीं करता। यहाँ वह दिन दिया गया है जिसमें तिथि का अधिकांश भाग पड़ता है। | Maghaग्यारहवाँ चंद्र मास, जनवरी से फ़रवरी तक। प्रयाग में स्नान का महीना यही है, और वसंत पंचमी इसके शुक्ल पक्ष में पड़ती है।भद्रा 06:25 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 22 मार्च2027 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Phalgunaबारहवाँ और अंतिम चंद्र मास, फ़रवरी से मार्च तक। इसकी पूर्णिमा पर होलिका जलती है, और अगले मास से वर्ष बदल जाता है।भद्रा 05:15 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 20 अप्रैल2027 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Chaitraपहला चंद्र मास, मार्च और अप्रैल के बीच। इसकी शुक्ल प्रतिपदा नववर्ष है, जिसे गुड़ी पड़वा और उगादी कहते हैं, और उसके बाद राम नवमी आती है।भद्रा 04:21 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 20 मई2027 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Vaishakhaदूसरा चंद्र मास, अप्रैल से मई तक। इसके शुक्ल पक्ष में अक्षय तृतीया पड़ती है, और बुद्ध पूर्णिमा पर यह पूरा होता है।भद्रा 04:12 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 18 जून2027 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है।यह तिथि लगातार दो दिन निर्णायक क्षण को घेरती है, इसलिए कुछ पंचांग इस पर्व को अगले दिन रखते हैं। दोनों पाठ मान्य हैं। | Jyeshthaतीसरा चंद्र मास, मई से जून तक, और बारहों में सबसे गरम। गंगा दशहरा और वट सावित्री दोनों इसी में पड़ते हैं।भद्रा 05:21 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 18 जुल॰2027 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Ashadhaचौथा चंद्र मास, जून से जुलाई तक, जब वर्षा आती है। रथ यात्रा, गुरु पूर्णिमा और चातुर्मास की शुरुआत सब इसी में पड़ते हैं।भद्रा 08:00 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 17 अग॰2027 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Shravanaपाँचवाँ चंद्र मास, जुलाई से अगस्त तक, और शिव के व्रतों का महीना। इसके सोमवार व्रत के होते हैं, और पूर्णिमा पर रक्षाबंधन आता है।भद्रा 11:45 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 15 सित॰2027 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Bhadrapadaछठा चंद्र मास, अगस्त से सितंबर तक। गणेश चतुर्थी और जन्माष्टमी इसी में पड़ते हैं, और इसकी पूर्णिमा से पितृ पक्ष शुरू होता है।भद्रा 03:44 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 15 अक्टू॰2027 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Ashwinaसातवाँ चंद्र मास, सितंबर से अक्टूबर तक। शारदीय नवरात्रि इसके शुक्ल पक्ष में चलती है और विजयादशमी पर पूरी होती है।भद्रा 07:07 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 14 नव॰2027 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Kartikaआठवाँ चंद्र मास, अक्टूबर से नवंबर तक, और यही दिवाली का महीना है। करवा चौथ, धनतेरस, छठ और कार्तिक पूर्णिमा सब इसी में आते हैं।भद्रा 09:29 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 13 दिस॰2027 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Margashirshaनवाँ चंद्र मास, नवंबर से दिसंबर तक, जिसे अगहन या अग्रहायण भी कहते हैं। गीता जयंती इसके शुक्ल पक्ष में पड़ती है।भद्रा 10:50 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 12 जन॰2028 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Paushaदसवाँ चंद्र मास, दिसंबर से जनवरी तक। इसका अधिकांश समय सूर्य धनु में रहता है, इसलिए मकर संक्रांति तक विवाह रुक जाते हैं।भद्रा 11:11 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 10 फ़र॰2028 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Maghaग्यारहवाँ चंद्र मास, जनवरी से फ़रवरी तक। प्रयाग में स्नान का महीना यही है, और वसंत पंचमी इसके शुक्ल पक्ष में पड़ती है।भद्रा 10:26 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 11 मार्च2028 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Phalgunaबारहवाँ और अंतिम चंद्र मास, फ़रवरी से मार्च तक। इसकी पूर्णिमा पर होलिका जलती है, और अगले मास से वर्ष बदल जाता है।भद्रा 08:28 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 9 अप्रैल2028 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Chaitraपहला चंद्र मास, मार्च और अप्रैल के बीच। इसकी शुक्ल प्रतिपदा नववर्ष है, जिसे गुड़ी पड़वा और उगादी कहते हैं, और उसके बाद राम नवमी आती है।भद्रा 05:32 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 8 मई2028 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Vaishakhaदूसरा चंद्र मास, अप्रैल से मई तक। इसके शुक्ल पक्ष में अक्षय तृतीया पड़ती है, और बुद्ध पूर्णिमा पर यह पूरा होता है।भद्रा 02:23 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 7 जून2028 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Jyeshthaतीसरा चंद्र मास, मई से जून तक, और बारहों में सबसे गरम। गंगा दशहरा और वट सावित्री दोनों इसी में पड़ते हैं।भद्रा 12:00 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 6 जुल॰2028 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Ashadhaचौथा चंद्र मास, जून से जुलाई तक, जब वर्षा आती है। रथ यात्रा, गुरु पूर्णिमा और चातुर्मास की शुरुआत सब इसी में पड़ते हैं।भद्रा 11:18 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 5 अग॰2028 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Shravanaपाँचवाँ चंद्र मास, जुलाई से अगस्त तक, और शिव के व्रतों का महीना। इसके सोमवार व्रत के होते हैं, और पूर्णिमा पर रक्षाबंधन आता है।भद्रा 12:43 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 3 सित॰2028 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Bhadrapadaछठा चंद्र मास, अगस्त से सितंबर तक। गणेश चतुर्थी और जन्माष्टमी इसी में पड़ते हैं, और इसकी पूर्णिमा से पितृ पक्ष शुरू होता है।भद्रा 04:04 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 3 अक्टू॰2028 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Ashwinaसातवाँ चंद्र मास, सितंबर से अक्टूबर तक। शारदीय नवरात्रि इसके शुक्ल पक्ष में चलती है और विजयादशमी पर पूरी होती है।भद्रा 08:45 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 2 नव॰2028 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Kartikaआठवाँ चंद्र मास, अक्टूबर से नवंबर तक, और यही दिवाली का महीना है। करवा चौथ, धनतेरस, छठ और कार्तिक पूर्णिमा सब इसी में आते हैं।भद्रा 02:00 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 1 दिस॰2028 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है।यह तिथि लगातार दो दिन निर्णायक क्षण को घेरती है, इसलिए कुछ पंचांग इस पर्व को अगले दिन रखते हैं। दोनों पाठ मान्य हैं। | Margashirshaनवाँ चंद्र मास, नवंबर से दिसंबर तक, जिसे अगहन या अग्रहायण भी कहते हैं। गीता जयंती इसके शुक्ल पक्ष में पड़ती है।भद्रा 06:59 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 31 दिस॰2028 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Paushaदसवाँ चंद्र मास, दिसंबर से जनवरी तक। इसका अधिकांश समय सूर्य धनु में रहता है, इसलिए मकर संक्रांति तक विवाह रुक जाते हैं।भद्रा 10:50 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 30 जन॰2029 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Maghaग्यारहवाँ चंद्र मास, जनवरी से फ़रवरी तक। प्रयाग में स्नान का महीना यही है, और वसंत पंचमी इसके शुक्ल पक्ष में पड़ती है।भद्रा 12:47 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 28 फ़र॰2029 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Phalgunaबारहवाँ और अंतिम चंद्र मास, फ़रवरी से मार्च तक। इसकी पूर्णिमा पर होलिका जलती है, और अगले मास से वर्ष बदल जाता है।भद्रा 12:25 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 30 मार्च2029 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | अधिक Chaitraपहला चंद्र मास, मार्च और अप्रैल के बीच। इसकी शुक्ल प्रतिपदा नववर्ष है, जिसे गुड़ी पड़वा और उगादी कहते हैं, और उसके बाद राम नवमी आती है।भद्रा 09:55 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 28 अप्रैल2029 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Chaitraपहला चंद्र मास, मार्च और अप्रैल के बीच। इसकी शुक्ल प्रतिपदा नववर्ष है, जिसे गुड़ी पड़वा और उगादी कहते हैं, और उसके बाद राम नवमी आती है।भद्रा 06:00 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 27 मई2029 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Vaishakhaदूसरा चंद्र मास, अप्रैल से मई तक। इसके शुक्ल पक्ष में अक्षय तृतीया पड़ती है, और बुद्ध पूर्णिमा पर यह पूरा होता है।भद्रा 01:39 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 26 जून2029 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Jyeshthaतीसरा चंद्र मास, मई से जून तक, और बारहों में सबसे गरम। गंगा दशहरा और वट सावित्री दोनों इसी में पड़ते हैं।भद्रा 09:50 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 25 जुल॰2029 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Ashadhaचौथा चंद्र मास, जून से जुलाई तक, जब वर्षा आती है। रथ यात्रा, गुरु पूर्णिमा और चातुर्मास की शुरुआत सब इसी में पड़ते हैं।भद्रा 07:25 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 24 अग॰2029 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Shravanaपाँचवाँ चंद्र मास, जुलाई से अगस्त तक, और शिव के व्रतों का महीना। इसके सोमवार व्रत के होते हैं, और पूर्णिमा पर रक्षाबंधन आता है।भद्रा 07:01 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 22 सित॰2029 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Bhadrapadaछठा चंद्र मास, अगस्त से सितंबर तक। गणेश चतुर्थी और जन्माष्टमी इसी में पड़ते हैं, और इसकी पूर्णिमा से पितृ पक्ष शुरू होता है।भद्रा 09:06 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 22 अक्टू॰2029 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Ashwinaसातवाँ चंद्र मास, सितंबर से अक्टूबर तक। शारदीय नवरात्रि इसके शुक्ल पक्ष में चलती है और विजयादशमी पर पूरी होती है।भद्रा 01:43 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 21 नव॰2029 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Kartikaआठवाँ चंद्र मास, अक्टूबर से नवंबर तक, और यही दिवाली का महीना है। करवा चौथ, धनतेरस, छठ और कार्तिक पूर्णिमा सब इसी में आते हैं।भद्रा 08:18 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 20 दिस॰2029 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Margashirshaनवाँ चंद्र मास, नवंबर से दिसंबर तक, जिसे अगहन या अग्रहायण भी कहते हैं। गीता जयंती इसके शुक्ल पक्ष में पड़ती है।भद्रा 03:26 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 19 जन॰2030 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Paushaदसवाँ चंद्र मास, दिसंबर से जनवरी तक। इसका अधिकांश समय सूर्य धनु में रहता है, इसलिए मकर संक्रांति तक विवाह रुक जाते हैं।भद्रा 09:17 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 18 फ़र॰2030 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Maghaग्यारहवाँ चंद्र मास, जनवरी से फ़रवरी तक। प्रयाग में स्नान का महीना यही है, और वसंत पंचमी इसके शुक्ल पक्ष में पड़ती है।भद्रा 12:31 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 19 मार्च2030 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Phalgunaबारहवाँ और अंतिम चंद्र मास, फ़रवरी से मार्च तक। इसकी पूर्णिमा पर होलिका जलती है, और अगले मास से वर्ष बदल जाता है।भद्रा 12:47 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 18 अप्रैल2030 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Chaitraपहला चंद्र मास, मार्च और अप्रैल के बीच। इसकी शुक्ल प्रतिपदा नववर्ष है, जिसे गुड़ी पड़वा और उगादी कहते हैं, और उसके बाद राम नवमी आती है।भद्रा 10:35 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 17 मई2030 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Vaishakhaदूसरा चंद्र मास, अप्रैल से मई तक। इसके शुक्ल पक्ष में अक्षय तृतीया पड़ती है, और बुद्ध पूर्णिमा पर यह पूरा होता है।भद्रा 06:43 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 15 जून2030 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Jyeshthaतीसरा चंद्र मास, मई से जून तक, और बारहों में सबसे गरम। गंगा दशहरा और वट सावित्री दोनों इसी में पड़ते हैं।भद्रा 02:00 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 15 जुल॰2030 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Ashadhaचौथा चंद्र मास, जून से जुलाई तक, जब वर्षा आती है। रथ यात्रा, गुरु पूर्णिमा और चातुर्मास की शुरुआत सब इसी में पड़ते हैं।भद्रा 09:13 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 13 अग॰2030 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Shravanaपाँचवाँ चंद्र मास, जुलाई से अगस्त तक, और शिव के व्रतों का महीना। इसके सोमवार व्रत के होते हैं, और पूर्णिमा पर रक्षाबंधन आता है।भद्रा 05:16 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 11 सित॰2030 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Bhadrapadaछठा चंद्र मास, अगस्त से सितंबर तक। गणेश चतुर्थी और जन्माष्टमी इसी में पड़ते हैं, और इसकी पूर्णिमा से पितृ पक्ष शुरू होता है।भद्रा 03:10 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 11 अक्टू॰2030 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Ashwinaसातवाँ चंद्र मास, सितंबर से अक्टूबर तक। शारदीय नवरात्रि इसके शुक्ल पक्ष में चलती है और विजयादशमी पर पूरी होती है।भद्रा 03:54 पूर्वाह्न तकसातवाँ चर करण, जिसे भद्रा कहते हैं। नया काम इसी करण के बीतने का इंतज़ार करता है, हालाँकि शुरू हो चुकी यात्रा चलती रहती है। |
| 10 नव॰2030 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Kartikaआठवाँ चंद्र मास, अक्टूबर से नवंबर तक, और यही दिवाली का महीना है। करवा चौथ, धनतेरस, छठ और कार्तिक पूर्णिमा सब इसी में आते हैं।भद्रा 07:58 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
| 9 दिस॰2030 | Purnimaपूरे चाँद की रात, शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि। गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और होली इसी पर पड़ती हैं, और यह दान का दिन है। | Margashirshaनवाँ चंद्र मास, नवंबर से दिसंबर तक, जिसे अगहन या अग्रहायण भी कहते हैं। गीता जयंती इसके शुक्ल पक्ष में पड़ती है।भद्रा 02:49 अपराह्न तकदिन के उजाले का चौथा पंचमांश, यानी दोपहर के बाद का समय। विजयादशमी और श्राद्ध कर्म इसी समय की तिथि से तय होते हैं। |
पर्व
दूसरे पर्व
हर एक अपने नियम और अपनी तिथियों के साथ।
पर्व
पूरा कैलेंडर
वर्ष भर के सभी पर्व और व्रत, एक ही सूची में।
हिंदू कैलेंडर