नक्षत्र 27 / 27
रेवती नक्षत्र
रेवती आख़िरी नक्षत्र है — स्वामी बुध, देवता पूषन्। यह राह दिखाता है, संभालता है, और सफ़र को उसके अंत तक और वहाँ से नई शुरुआत तक पहुँचा देता है।
शास्त्रीय ब्योरा
- स्वामी ग्रह
- बुध
- देवता
- पूषन् — राह दिखाने वाले चरवाहे देव
- प्रतीक
- मछली, ताल देता ढोल
- गण
- देव
- गुण
- सत्त्व
- योनि
- गज
- वृक्ष
- महुआ
- दशा वर्ष
- 17
- राशि-सीमा
- मीन 16°40′ – 30°00′
चारों पद
पद और उनके नवांश
हर नक्षत्र 3°20′ के चार पदों में बँटा है। एक पद एक नवांश होता है, इसलिए चंद्रमा किस पद में है यह जानने पर पढ़ाई और बारीक हो जाती है — रेवती के भीतर आप ठीक कहाँ खड़े हैं, यह कुंडली इसी से तय करती है।
| पद | अंश | नवांश राशि |
|---|---|---|
| 1 | 346°40′ – 350°00′ | धनु |
| 2 | 350°00′ – 353°20′ | मकर |
| 3 | 353°20′ – 356°40′ | कुम्भ |
| 4 | 356°40′ – 360°00′ | मीन |
स्वभाव
इस नक्षत्र का मिज़ाज
रेवती सत्ताईस में आख़िरी है, और इसके देवता पूषन् हैं — वह चरवाहा जो राहगीरों को रास्ता दिखाता है; चिह्न आकाश के समुद्र में तैरती मछली। यह नक्षत्र सुरक्षित पहुँचाने, नरमी और पूरा होने का है। बुध का स्वामित्व एक चमकदार, दयालु और बातूनी मन देता है। चंद्रमा यहाँ हो तो लोग कोमल और सबको भाने वाले होते हैं, कमज़ोरों और जानवरों के लिए हिफ़ाज़त से भरे, और अक्सर इस दुनिया से थोड़ा हटकर वाले रंग के।
ताक़त
यह कहाँ मज़बूत है
सबसे बड़ी ताक़त संभालने वाली नरमी है। रेवती लोगों और जानवरों का ख़याल रखती है, उनका रास्ता आसान करती है, और उन्हें अपने अंत तक बढ़ने का हौसला देती है — बिना धक्का दिए। इसमें रचनात्मकता, बात कहने का हुनर और सफ़र के अंत पर खड़े होने से आई गहराई है, साथ में बिना उम्मीद के देने का स्वभाव — वह चरवाहा जो झुंड का एक भी साथी पीछे नहीं छोड़ता।
सावधानी
किस बात का ध्यान रखें
यही नरमी कभी ज़रूरत से ज़्यादा संवेदनशीलता और देते-देते ख़ाली हो जाने में बदल जाती है। रेवती जल्दी भरोसा कर लेती है, जल्दी चोट खाती है, और दूसरों का ख़याल रखते हुए अपनी हद भूल जाती है; सपनों वाला हिस्सा कभी ज़मीन से दूर भी ले जाता है। असली काम अपनी हद बचाना है — इतना देना जितना लगातार दिया जा सके, और ख़ुद भी किसी का ख़याल स्वीकार कर लेना।
काम और रिश्ते
करियर और रिश्ते
परंपरा रेवती को संभालने, राह दिखाने और रचने वाले कामों से जोड़ती है: देखभाल और सलाह, पढ़ाना, बच्चों और जानवरों के साथ काम, यात्रा और आतिथ्य, कला, चिकित्सा। ये लोग वहाँ अच्छा करते हैं जहाँ दयालुता ही काम हो और किसी को सबको सही-सलामत पार कराना हो। रिश्तों में ये कोमल और समर्पित होते हैं, और बढ़ने की जगह अपनी हद है — ख़ुद भी राह पाना, सिर्फ़ दिखाना नहीं।
क्या यही आपका है?
अपना जन्म नक्षत्र देखिए
आपका जन्म नक्षत्र वह है जहाँ आपके जन्म के पल चंद्रमा खड़ा था — जन्मदिन से इसका अंदाज़ा नहीं लगाया जा सकता। जन्म की तारीख़, समय और जगह भरिए, और हमारा अपना गणना इंजन चंद्रमा को ठीक वहीं रखेगा, पद तक।
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यह पेज कैसे निकाला जाता है
स्वामी ग्रह, राशि-सीमा, दशा की लंबाई और चारों पद रेवती का शास्त्रीय ब्योरा हैं, जो निरयण चक्र पर इसकी जगह से लाहिरी अयनांश के साथ निकाले जाते हैं। जो स्वभाव लिखा है वह परंपरा के संकेतों से लिया गया है और सोचने-समझने के लिए है — किसी एक ज़िंदगी के बारे में कोई भविष्यवाणी नहीं।