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हिंदू कैलेंडर

हिंदू कैलेंडर 2025 — त्योहारों की तिथियाँ

2025 के सभी हिंदू पर्व, हर एक की तिथि और उसे तय करने वाले नियम के साथ। तिथियाँ ऐफ़ेमेरिस से गणना की गई हैं, और जहाँ पंचांगों में सचमुच मतभेद है वहाँ पर्व के साथ यही लिखा है, किसी एक पक्ष को चुपचाप चुना नहीं गया।

Delhi के लिए गणना, वही संदर्भ मध्याह्न रेखा जिस पर भारतीय पंचांग छपते हैं। त्योहारों की तिथियाँ शहर के हिसाब से नहीं छापी जातीं: जो दिवाली दिल्ली और चेन्नई के बीच बदल जाए वह योजना बनाने के काम की नहीं रहती।

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2025 के त्योहार

नामी वार्षिक पर्व, तिथि क्रम में। किसी पर भी जाइए और उसका नियम, उसकी तिथि तथा दूसरे वर्षों की तारीख़ें मिलेंगी।

तिथिपर्वतिथि नाम
14 जन॰मंगलवारमकर संक्रांति
2 फ़र॰रविवारवसंत पंचमीयह तिथि दो निर्णायक क्षणों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाती है, इसलिए नियम अकेले दिन तय नहीं करता। यहाँ वह दिन दिया गया है जिसमें तिथि का अधिकांश भाग पड़ता है।Shukla PanchamiMagha
26 फ़र॰बुधवारमहाशिवरात्रिभद्रा 10:05 अपराह्न तकKrishna ChaturdashiMagha
13 मार्चगुरुवारहोलिका दहनभद्रा 11:27 अपराह्न तकPurnimaPhalguna
14 मार्चशुक्रवारहोलीभद्रा 11:27 अपराह्न तकPurnimaPhalguna
30 मार्चरविवारगुड़ी पड़वाShukla PratipadaChaitra
6 अप्रैलरविवारराम नवमीShukla NavamiChaitra
12 अप्रैलशनिवारहनुमान जयंतीभद्रा 04:36 अपराह्न तकPurnimaChaitra
14 अप्रैलसोमवारमेष संक्रांति
30 अप्रैलबुधवारअक्षय तृतीयाShukla TritiyaVaishakha
12 मईसोमवारबुद्ध पूर्णिमाभद्रा 09:15 पूर्वाह्न तकPurnimaVaishakha
27 जूनशुक्रवाररथ यात्राShukla DwitiyaAshadha
10 जुल॰गुरुवारगुरु पूर्णिमाभद्रा 01:55 अपराह्न तकPurnimaAshadha
29 जुल॰मंगलवारनाग पंचमीShukla PanchamiShravana
9 अग॰शनिवाररक्षाबंधनभद्रा 01:52 पूर्वाह्न तकPurnimaShravana
16 अग॰शनिवारकृष्ण जन्माष्टमीKrishna AshtamiShravana
26 अग॰मंगलवारहरतालिका तीजShukla TritiyaBhadrapada
27 अग॰बुधवारगणेश चतुर्थीभद्रा 03:44 अपराह्न तकShukla ChaturthiBhadrapada
6 सित॰शनिवारअनंत चतुर्दशीShukla ChaturdashiBhadrapada
7 सित॰रविवारपितृ पक्ष आरंभभद्रा 12:43 अपराह्न तकPurnimaBhadrapada
21 सित॰रविवारसर्व पितृ अमावस्याAmavasyaBhadrapada
22 सित॰सोमवारशारदीय नवरात्रि आरंभShukla PratipadaAshwina
30 सित॰मंगलवारदुर्गा अष्टमीभद्रा 05:23 पूर्वाह्न तकShukla AshtamiAshwina
1 अक्टू॰बुधवारमहानवमीShukla NavamiAshwina
2 अक्टू॰गुरुवारविजयादशमीShukla DashamiAshwina
6 अक्टू॰सोमवारशरद पूर्णिमाभद्रा 10:53 अपराह्न तकPurnimaAshwina
10 अक्टू॰शुक्रवारकरवा चौथयह तिथि दो निर्णायक क्षणों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाती है, इसलिए नियम अकेले दिन तय नहीं करता। यहाँ वह दिन दिया गया है जिसमें तिथि का अधिकांश भाग पड़ता है।Krishna ChaturthiAshwina
18 अक्टू॰शनिवारधनतेरसKrishna TrayodashiAshwina
20 अक्टू॰सोमवारदीपावलीAmavasyaAshwina
20 अक्टू॰सोमवारनरक चतुर्दशीभद्रा 02:46 पूर्वाह्न तकKrishna ChaturdashiAshwina
22 अक्टू॰बुधवारगोवर्धन पूजाShukla PratipadaKartika
23 अक्टू॰गुरुवारभाई दूजShukla DwitiyaKartika
27 अक्टू॰सोमवारछठ पूजायह तिथि लगातार दो दिन निर्णायक क्षण को घेरती है, इसलिए कुछ पंचांग इस पर्व को अगले दिन रखते हैं। दोनों पाठ मान्य हैं।Shukla ShashthiKartika
2 नव॰रविवारदेवउठनी एकादशीभद्रा 07:32 पूर्वाह्न तकShukla EkadashiKartika
5 नव॰बुधवारकार्तिक पूर्णिमाभद्रा 08:44 पूर्वाह्न तकPurnimaKartika
1 दिस॰सोमवारगीता जयंतीभद्रा 07:01 अपराह्न तकShukla EkadashiMargashirsha

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एकादशी, पूर्णिमा और मासिक व्रत

ये हर चंद्र मास में लौटते हैं, वर्ष में एक बार नहीं, इसलिए इनकी संख्या लगभग एक सौ बीस है। अकेली एकादशी चौबीस बार आती है।

तिथिपर्वतिथि नाम
3 जन॰शुक्रवारविनायक चतुर्थीभद्रा 11:40 अपराह्न तकShukla ChaturthiPausha
7 जन॰मंगलवारमासिक दुर्गाष्टमीभद्रा 05:26 पूर्वाह्न तकShukla AshtamiPausha
10 जन॰शुक्रवारएकादशीभद्रा 10:20 पूर्वाह्न तकShukla EkadashiPausha
11 जन॰शनिवारप्रदोष व्रतShukla TrayodashiPausha
13 जन॰सोमवारपूर्णिमाभद्रा 04:26 अपराह्न तकPurnimaPausha
17 जन॰शुक्रवारसंकष्टी चतुर्थीKrishna ChaturthiPausha
25 जन॰शनिवारएकादशीKrishna EkadashiPausha
27 जन॰सोमवारमासिक शिवरात्रिभद्रा 08:10 पूर्वाह्न तकKrishna ChaturdashiPausha
27 जन॰सोमवारप्रदोष व्रतKrishna TrayodashiPausha
29 जन॰बुधवारअमावस्याAmavasyaPausha
1 फ़र॰शनिवारविनायक चतुर्थीभद्रा 09:14 पूर्वाह्न तकShukla ChaturthiMagha
5 फ़र॰बुधवारमासिक दुर्गाष्टमीभद्रा 01:32 अपराह्न तकShukla AshtamiMagha
8 फ़र॰शनिवारएकादशीभद्रा 08:16 अपराह्न तकShukla EkadashiMagha
10 फ़र॰सोमवारप्रदोष व्रतShukla TrayodashiMagha
12 फ़र॰बुधवारपूर्णिमाभद्रा 07:05 पूर्वाह्न तकPurnimaMagha
16 फ़र॰रविवारसंकष्टी चतुर्थीKrishna ChaturthiMagha
24 फ़र॰सोमवारएकादशीKrishna EkadashiMagha
25 फ़र॰मंगलवारप्रदोष व्रतKrishna TrayodashiMagha
26 फ़र॰बुधवारमासिक शिवरात्रिभद्रा 10:05 अपराह्न तकKrishna ChaturdashiMagha
27 फ़र॰गुरुवारअमावस्यायह तिथि दो निर्णायक क्षणों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाती है, इसलिए नियम अकेले दिन तय नहीं करता। यहाँ वह दिन दिया गया है जिसमें तिथि का अधिकांश भाग पड़ता है।AmavasyaMagha
3 मार्चसोमवारविनायक चतुर्थीभद्रा 06:02 अपराह्न तकShukla ChaturthiPhalguna
7 मार्चशुक्रवारमासिक दुर्गाष्टमीभद्रा 10:01 अपराह्न तकShukla AshtamiPhalguna
10 मार्चसोमवारएकादशीभद्रा 07:45 पूर्वाह्न तकShukla EkadashiPhalguna
11 मार्चमंगलवारप्रदोष व्रतShukla TrayodashiPhalguna
14 मार्चशुक्रवारपूर्णिमाभद्रा 11:27 अपराह्न तकPurnimaPhalguna
17 मार्चसोमवारसंकष्टी चतुर्थीKrishna ChaturthiPhalguna
25 मार्चमंगलवारएकादशीKrishna EkadashiPhalguna
27 मार्चगुरुवारमासिक शिवरात्रिभद्रा 09:32 पूर्वाह्न तकKrishna ChaturdashiPhalguna
27 मार्चगुरुवारप्रदोष व्रतKrishna TrayodashiPhalguna
29 मार्चशनिवारअमावस्याAmavasyaPhalguna
1 अप्रैलमंगलवारविनायक चतुर्थीभद्रा 02:32 पूर्वाह्न तकShukla ChaturthiChaitra
5 अप्रैलशनिवारमासिक दुर्गाष्टमीभद्रा 07:44 पूर्वाह्न तकShukla AshtamiChaitra
8 अप्रैलमंगलवारएकादशीभद्रा 09:13 अपराह्न तकShukla EkadashiChaitra
10 अप्रैलगुरुवारप्रदोष व्रतShukla TrayodashiChaitra
12 अप्रैलशनिवारपूर्णिमाभद्रा 04:36 अपराह्न तकPurnimaChaitra
16 अप्रैलबुधवारसंकष्टी चतुर्थीKrishna ChaturthiChaitra
24 अप्रैलगुरुवारएकादशीKrishna EkadashiChaitra
25 अप्रैलशुक्रवारप्रदोष व्रतKrishna TrayodashiChaitra
26 अप्रैलशनिवारमासिक शिवरात्रिभद्रा 06:41 अपराह्न तकKrishna ChaturdashiChaitra
27 अप्रैलरविवारअमावस्याAmavasyaChaitra
1 मईगुरुवारविनायक चतुर्थीयह तिथि दो निर्णायक क्षणों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाती है, इसलिए नियम अकेले दिन तय नहीं करता। यहाँ वह दिन दिया गया है जिसमें तिथि का अधिकांश भाग पड़ता है।भद्रा 11:24 पूर्वाह्न तकShukla ChaturthiVaishakha
5 मईसोमवारमासिक दुर्गाष्टमीभद्रा 07:21 अपराह्न तकShukla AshtamiVaishakha
8 मईगुरुवारएकादशीभद्रा 12:29 अपराह्न तकShukla EkadashiVaishakha
9 मईशुक्रवारप्रदोष व्रतShukla TrayodashiVaishakha
12 मईसोमवारपूर्णिमाभद्रा 09:15 पूर्वाह्न तकPurnimaVaishakha
16 मईशुक्रवारसंकष्टी चतुर्थीKrishna ChaturthiVaishakha
23 मईशुक्रवारएकादशीKrishna EkadashiVaishakha
24 मईशनिवारप्रदोष व्रतKrishna TrayodashiVaishakha
25 मईरविवारमासिक शिवरात्रिभद्रा 02:02 पूर्वाह्न तकKrishna ChaturdashiVaishakha
27 मईमंगलवारअमावस्याAmavasyaVaishakha
30 मईशुक्रवारविनायक चतुर्थीभद्रा 09:23 अपराह्न तकShukla ChaturthiJyeshtha
3 जूनमंगलवारमासिक दुर्गाष्टमीभद्रा 09:10 पूर्वाह्न तकShukla AshtamiJyeshtha
6 जूनशुक्रवारएकादशीभद्रा 04:48 पूर्वाह्न तकShukla EkadashiJyeshtha
8 जूनरविवारप्रदोष व्रतShukla TrayodashiJyeshtha
11 जूनबुधवारपूर्णिमाभद्रा 12:27 पूर्वाह्न तकPurnimaJyeshtha
14 जूनशनिवारसंकष्टी चतुर्थीKrishna ChaturthiJyeshtha
21 जूनशनिवारएकादशीयह तिथि दो निर्णायक क्षणों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाती है, इसलिए नियम अकेले दिन तय नहीं करता। यहाँ वह दिन दिया गया है जिसमें तिथि का अधिकांश भाग पड़ता है।Krishna EkadashiJyeshtha
23 जूनसोमवारमासिक शिवरात्रिभद्रा 08:34 पूर्वाह्न तकKrishna ChaturdashiJyeshtha
23 जूनसोमवारप्रदोष व्रतKrishna TrayodashiJyeshtha
25 जूनबुधवारअमावस्याAmavasyaJyeshtha
28 जूनशनिवारविनायक चतुर्थीभद्रा 09:15 पूर्वाह्न तकShukla ChaturthiAshadha
3 जुल॰गुरुवारमासिक दुर्गाष्टमीभद्रा 01:00 पूर्वाह्न तकShukla AshtamiAshadha
6 जुल॰रविवारएकादशीभद्रा 09:15 अपराह्न तकShukla EkadashiAshadha
8 जुल॰मंगलवारप्रदोष व्रतShukla TrayodashiAshadha
10 जुल॰गुरुवारपूर्णिमाभद्रा 01:55 अपराह्न तकPurnimaAshadha
14 जुल॰सोमवारसंकष्टी चतुर्थीKrishna ChaturthiAshadha
21 जुल॰सोमवारएकादशीKrishna EkadashiAshadha
22 जुल॰मंगलवारप्रदोष व्रतKrishna TrayodashiAshadha
23 जुल॰बुधवारमासिक शिवरात्रिभद्रा 03:32 अपराह्न तकKrishna ChaturdashiAshadha
24 जुल॰गुरुवारअमावस्याAmavasyaAshadha
28 जुल॰सोमवारविनायक चतुर्थीभद्रा 11:24 अपराह्न तकShukla ChaturthiShravana
1 अग॰शुक्रवारमासिक दुर्गाष्टमीयह तिथि लगातार दो दिन निर्णायक क्षण को घेरती है, इसलिए कुछ पंचांग इस पर्व को अगले दिन रखते हैं। दोनों पाठ मान्य हैं।भद्रा 06:11 अपराह्न तकShukla AshtamiShravana
5 अग॰मंगलवारएकादशीभद्रा 01:12 अपराह्न तकShukla EkadashiShravana
6 अग॰बुधवारप्रदोष व्रतShukla TrayodashiShravana
9 अग॰शनिवारपूर्णिमाभद्रा 01:52 पूर्वाह्न तकPurnimaShravana
12 अग॰मंगलवारसंकष्टी चतुर्थीKrishna ChaturthiShravana
19 अग॰मंगलवारएकादशीKrishna EkadashiShravana
20 अग॰बुधवारप्रदोष व्रतKrishna TrayodashiShravana
21 अग॰गुरुवारमासिक शिवरात्रिभद्रा 12:17 पूर्वाह्न तकKrishna ChaturdashiShravana
23 अग॰शनिवारअमावस्याAmavasyaShravana
27 अग॰बुधवारविनायक चतुर्थीभद्रा 03:44 अपराह्न तकShukla ChaturthiBhadrapada
31 अग॰रविवारमासिक दुर्गाष्टमीभद्रा 11:55 पूर्वाह्न तकShukla AshtamiBhadrapada
3 सित॰बुधवारएकादशीभद्रा 04:22 पूर्वाह्न तकShukla EkadashiBhadrapada
5 सित॰शुक्रवारप्रदोष व्रतShukla TrayodashiBhadrapada
7 सित॰रविवारपूर्णिमाभद्रा 12:43 अपराह्न तकPurnimaBhadrapada
10 सित॰बुधवारसंकष्टी चतुर्थीKrishna ChaturthiBhadrapada
17 सित॰बुधवारएकादशीKrishna EkadashiBhadrapada
19 सित॰शुक्रवारमासिक शिवरात्रियह तिथि लगातार दो दिन निर्णायक क्षण को घेरती है, इसलिए कुछ पंचांग इस पर्व को अगले दिन रखते हैं। दोनों पाठ मान्य हैं।भद्रा 11:54 पूर्वाह्न तकKrishna ChaturdashiBhadrapada
19 सित॰शुक्रवारप्रदोष व्रतKrishna TrayodashiBhadrapada
21 सित॰रविवारअमावस्याAmavasyaBhadrapada
25 सित॰गुरुवारविनायक चतुर्थीभद्रा 09:33 पूर्वाह्न तकShukla ChaturthiAshwina
30 सित॰मंगलवारमासिक दुर्गाष्टमीभद्रा 05:23 पूर्वाह्न तकShukla AshtamiAshwina
3 अक्टू॰शुक्रवारएकादशीभद्रा 06:33 अपराह्न तकShukla EkadashiAshwina
4 अक्टू॰शनिवारप्रदोष व्रतShukla TrayodashiAshwina
7 अक्टू॰मंगलवारपूर्णिमाभद्रा 10:53 अपराह्न तकPurnimaAshwina
10 अक्टू॰शुक्रवारसंकष्टी चतुर्थीयह तिथि दो निर्णायक क्षणों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाती है, इसलिए नियम अकेले दिन तय नहीं करता। यहाँ वह दिन दिया गया है जिसमें तिथि का अधिकांश भाग पड़ता है।Krishna ChaturthiAshwina
17 अक्टू॰शुक्रवारएकादशीKrishna EkadashiAshwina
18 अक्टू॰शनिवारप्रदोष व्रतKrishna TrayodashiAshwina
19 अक्टू॰रविवारमासिक शिवरात्रिभद्रा 02:46 पूर्वाह्न तकKrishna ChaturdashiAshwina
21 अक्टू॰मंगलवारअमावस्याAmavasyaAshwina
25 अक्टू॰शनिवारविनायक चतुर्थीभद्रा 03:48 पूर्वाह्न तकShukla ChaturthiKartika
30 अक्टू॰गुरुवारमासिक दुर्गाष्टमीभद्रा 09:50 अपराह्न तकShukla AshtamiKartika
2 नव॰रविवारएकादशीभद्रा 07:32 पूर्वाह्न तकShukla EkadashiKartika
3 नव॰सोमवारप्रदोष व्रतShukla TrayodashiKartika
5 नव॰बुधवारपूर्णिमाभद्रा 08:44 पूर्वाह्न तकPurnimaKartika
8 नव॰शनिवारसंकष्टी चतुर्थीKrishna ChaturthiKartika
15 नव॰शनिवारएकादशीKrishna EkadashiKartika
17 नव॰सोमवारप्रदोष व्रतKrishna TrayodashiKartika
18 नव॰मंगलवारमासिक शिवरात्रिभद्रा 08:27 अपराह्न तकKrishna ChaturdashiKartika
20 नव॰गुरुवारअमावस्याAmavasyaKartika
24 नव॰सोमवारविनायक चतुर्थीभद्रा 09:22 अपराह्न तकShukla ChaturthiMargashirsha
28 नव॰शुक्रवारमासिक दुर्गाष्टमीभद्रा 12:28 अपराह्न तकShukla AshtamiMargashirsha
1 दिस॰सोमवारएकादशीभद्रा 07:01 अपराह्न तकShukla EkadashiMargashirsha
2 दिस॰मंगलवारप्रदोष व्रतShukla TrayodashiMargashirsha
4 दिस॰गुरुवारपूर्णिमायह तिथि दो निर्णायक क्षणों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाती है, इसलिए नियम अकेले दिन तय नहीं करता। यहाँ वह दिन दिया गया है जिसमें तिथि का अधिकांश भाग पड़ता है।भद्रा 06:41 अपराह्न तकPurnimaMargashirsha
7 दिस॰रविवारसंकष्टी चतुर्थीKrishna ChaturthiMargashirsha
15 दिस॰सोमवारएकादशीKrishna EkadashiMargashirsha
17 दिस॰बुधवारप्रदोष व्रतKrishna TrayodashiMargashirsha
18 दिस॰गुरुवारमासिक शिवरात्रिभद्रा 03:47 अपराह्न तकKrishna ChaturdashiMargashirsha
19 दिस॰शुक्रवारअमावस्यायह तिथि लगातार दो दिन निर्णायक क्षण को घेरती है, इसलिए कुछ पंचांग इस पर्व को अगले दिन रखते हैं। दोनों पाठ मान्य हैं।AmavasyaMargashirsha
23 दिस॰मंगलवारविनायक चतुर्थीयह तिथि लगातार दो दिन निर्णायक क्षण को घेरती है, इसलिए कुछ पंचांग इस पर्व को अगले दिन रखते हैं। दोनों पाठ मान्य हैं।भद्रा 01:11 अपराह्न तकShukla ChaturthiPausha
28 दिस॰रविवारमासिक दुर्गाष्टमीभद्रा 12:39 पूर्वाह्न तकShukla AshtamiPausha
30 दिस॰मंगलवारएकादशीयह तिथि दो निर्णायक क्षणों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाती है, इसलिए नियम अकेले दिन तय नहीं करता। यहाँ वह दिन दिया गया है जिसमें तिथि का अधिकांश भाग पड़ता है।भद्रा 05:01 पूर्वाह्न तकShukla EkadashiPausha

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वर्ष के अनुसार कैलेंडर

पूरा वर्ष एक ही सूची में: सभी नामी पर्व और सभी मासिक व्रत, हर एक की तिथि के साथ।

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ये तिथियाँ कैसे निकाली जाती हैं

हर पर्व एक चंद्र मास, एक पक्ष और एक तिथि है। मास वही हिस्सा है जिसमें ज़्यादातर कैलेंडर चूकते हैं, क्योंकि चंद्र मास का नाम सूर्य से पड़ता है: जो मास सूर्य के मीन में रहते शुरू हो वह चैत्र है, जो मेष में रहते शुरू हो वह वैशाख, और इसी क्रम में आगे।

यही नियम अधिक मास भी तय कर देता है। बारह चंद्र मास 354 दिन के होते हैं और वर्ष 365 का, इसलिए हर दो-तीन साल में कोई एक चंद्र मास ऐसा पड़ता है जिसमें कोई संक्रांति नहीं होती। वही अधिक मास है, उसका नाम अगले मास जैसा ही होता है, और उसमें कोई पर्व नहीं मनाया जाता। इसे चूकिए तो बाक़ी पूरे वर्ष के पर्व एक महीना पहले जा गिरते हैं।

फिर दूसरा सवाल आता है, जो ज़्यादा कठिन है: तिथि 21.5 से 26 घंटे तक की होती है, इसलिए वह कैलेंडर के दिन से नहीं मिलती। तिथि का उस समय मौजूद होना ज़रूरी है जिस समय कर्म वास्तव में किया जाता है। गणेश चतुर्थी मध्याह्न में स्थापित होती है, विजयादशमी दिन के चौथे पंचमांश में, दिवाली सूर्यास्त के बाद प्रदोष में, महाशिवरात्रि सौर मध्यरात्रि में, और करवा चौथ चंद्रोदय पर। केवल सामान्य नियम सूर्योदय का है।

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सवाल

दूसरी साइट अलग तारीख़ क्यों दिखाती है?
आम तौर पर तीन में से एक वजह होती है। हो सकता है वह ऐसे पर्व के लिए सूर्योदय की तिथि ले रही हो जिसका कर्म मध्याह्न या मध्यरात्रि का है, जिससे शायद हर तीसरे साल तारीख़ एक दिन खिसक जाती है। हो सकता है वह पूर्णिमांत महीने का नाम अमांत गणना में डाल रही हो, जिससे तारीख़ पूरे एक महीने खिसक जाती है। या फिर तिथि सचमुच लगातार दो दिन निर्णायक क्षण को घेरती हो, ऐसे में दोनों तारीख़ें मान्य हैं और यह पेज उसी पर्व के साथ यह बात लिख देता है।
यह पेज अमांत मानता है या पूर्णिमांत?
गणना अमांत में होती है और नाम दोनों दिखाए जाते हैं। कृष्ण पक्ष में दोनों आधे महीने के अंतर पर चलते हैं, इसलिए महाशिवरात्रि पुणे में माघ कृष्ण चतुर्दशी है और दिल्ली में फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी। रात एक ही, महीने के नाम दो। एक में गणना और दोनों का प्रदर्शन ही वह चीज़ है जो उत्तर भारतीय स्रोत से लिया गया नियम एक महीना ग़लत जाने से रोकती है।
अधिक मास क्या होता है?
वह अधिमास जो तब जोड़ा जाता है जब किसी चंद्र मास में कोई संक्रांति नहीं पड़ती। उसका नाम अगले मास जैसा ही होता है, इसलिए एक वर्ष में अधिक श्रावण और फिर निज श्रावण दोनों आ सकते हैं। उसमें कोई पर्व नहीं होता। 2020 में शारदीय नवरात्रि सितंबर की जगह 17 अक्टूबर को इसी कारण शुरू हुई थी।
क्या ये तिथियाँ मेरे शहर के लिए सही हैं?
भारत में कहीं भी, हाँ। भारतीय पंचांग एक ही राष्ट्रीय कैलेंडर छापते हैं जो संदर्भ मध्याह्न रेखा पर बनता है, क्योंकि शहर बदलने पर बदल जाने वाली दिवाली किसी काम की नहीं। जिन सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय पर नियम परखा जाता है वे पूरे देश में एक घंटे से भी कम आगे-पीछे होते हैं, और इससे तिथि का दिन लगभग कभी नहीं बदलता।