हिंदू कैलेंडर
हिंदू कैलेंडर 2027 — त्योहारों की तिथियाँ
2027 के सभी हिंदू पर्व, हर एक की तिथि और उसे तय करने वाले नियम के साथ। तिथियाँ ऐफ़ेमेरिस से गणना की गई हैं, और जहाँ पंचांगों में सचमुच मतभेद है वहाँ पर्व के साथ यही लिखा है, किसी एक पक्ष को चुपचाप चुना नहीं गया।
Delhi के लिए गणना, वही संदर्भ मध्याह्न रेखा जिस पर भारतीय पंचांग छपते हैं। त्योहारों की तिथियाँ शहर के हिसाब से नहीं छापी जातीं: जो दिवाली दिल्ली और चेन्नई के बीच बदल जाए वह योजना बनाने के काम की नहीं रहती।
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2027 के त्योहार
नामी वार्षिक पर्व, तिथि क्रम में। किसी पर भी जाइए और उसका नियम, उसकी तिथि तथा दूसरे वर्षों की तारीख़ें मिलेंगी।
| तिथि | पर्व | तिथि नाम |
|---|---|---|
| 15 जन॰शुक्रवार | मकर संक्रांति | — |
| 11 फ़र॰गुरुवार | वसंत पंचमी | Shukla PanchamiMagha |
| 6 मार्चशनिवार | महाशिवरात्रिभद्रा 12:59 पूर्वाह्न तक | Krishna ChaturdashiMagha |
| 21 मार्चरविवार | होलिका दहनभद्रा 05:15 पूर्वाह्न तक | PurnimaPhalguna |
| 22 मार्चसोमवार | होलीभद्रा 05:15 पूर्वाह्न तक | PurnimaPhalguna |
| 7 अप्रैलबुधवार | गुड़ी पड़वा | Shukla PratipadaChaitra |
| 14 अप्रैलबुधवार | मेष संक्रांति | — |
| 15 अप्रैलगुरुवार | राम नवमी | Shukla NavamiChaitra |
| 20 अप्रैलमंगलवार | हनुमान जयंतीभद्रा 04:21 अपराह्न तक | PurnimaChaitra |
| 8 मईशनिवार | अक्षय तृतीया | Shukla TritiyaVaishakha |
| 20 मईगुरुवार | बुद्ध पूर्णिमाभद्रा 04:12 पूर्वाह्न तक | PurnimaVaishakha |
| 5 जुल॰सोमवार | रथ यात्रा | Shukla DwitiyaAshadha |
| 18 जुल॰रविवार | गुरु पूर्णिमाभद्रा 08:00 पूर्वाह्न तक | PurnimaAshadha |
| 6 अग॰शुक्रवार | नाग पंचमी | Shukla PanchamiShravana |
| 17 अग॰मंगलवार | रक्षाबंधनभद्रा 11:45 अपराह्न तक | PurnimaShravana |
| 25 अग॰बुधवार | कृष्ण जन्माष्टमी | Krishna AshtamiShravana |
| 3 सित॰शुक्रवार | हरतालिका तीज | Shukla TritiyaBhadrapada |
| 4 सित॰शनिवार | गणेश चतुर्थीभद्रा 12:26 अपराह्न तक | Shukla ChaturthiBhadrapada |
| 14 सित॰मंगलवार | अनंत चतुर्दशी | Shukla ChaturdashiBhadrapada |
| 15 सित॰बुधवार | पितृ पक्ष आरंभभद्रा 03:44 अपराह्न तक | PurnimaBhadrapada |
| 30 सित॰गुरुवार | सर्व पितृ अमावस्या | AmavasyaBhadrapada |
| 30 सित॰गुरुवार | शारदीय नवरात्रि आरंभयह तिथि दो निर्णायक क्षणों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाती है, इसलिए नियम अकेले दिन तय नहीं करता। यहाँ वह दिन दिया गया है जिसमें तिथि का अधिकांश भाग पड़ता है। | Shukla PratipadaAshwina |
| 7 अक्टू॰गुरुवार | दुर्गा अष्टमीयह तिथि लगातार दो दिन निर्णायक क्षण को घेरती है, इसलिए कुछ पंचांग इस पर्व को अगले दिन रखते हैं। दोनों पाठ मान्य हैं।भद्रा 05:17 अपराह्न तक | Shukla AshtamiAshwina |
| 9 अक्टू॰शनिवार | महानवमी | Shukla NavamiAshwina |
| 9 अक्टू॰शनिवार | विजयादशमी | Shukla DashamiAshwina |
| 14 अक्टू॰गुरुवार | शरद पूर्णिमाभद्रा 07:07 पूर्वाह्न तक | PurnimaAshwina |
| 18 अक्टू॰सोमवार | करवा चौथ | Krishna ChaturthiAshwina |
| 27 अक्टू॰बुधवार | धनतेरस | Krishna TrayodashiAshwina |
| 28 अक्टू॰गुरुवार | नरक चतुर्दशीभद्रा 09:47 पूर्वाह्न तक | Krishna ChaturdashiAshwina |
| 29 अक्टू॰शुक्रवार | दीपावली | AmavasyaAshwina |
| 30 अक्टू॰शनिवार | गोवर्धन पूजा | Shukla PratipadaKartika |
| 31 अक्टू॰रविवार | भाई दूज | Shukla DwitiyaKartika |
| 4 नव॰गुरुवार | छठ पूजा | Shukla ShashthiKartika |
| 10 नव॰बुधवार | देवउठनी एकादशीभद्रा 09:11 पूर्वाह्न तक | Shukla EkadashiKartika |
| 14 नव॰रविवार | कार्तिक पूर्णिमाभद्रा 09:29 अपराह्न तक | PurnimaKartika |
| 9 दिस॰गुरुवार | गीता जयंतीभद्रा 03:20 पूर्वाह्न तक | Shukla EkadashiMargashirsha |
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एकादशी, पूर्णिमा और मासिक व्रत
ये हर चंद्र मास में लौटते हैं, वर्ष में एक बार नहीं, इसलिए इनकी संख्या लगभग एक सौ बीस है। अकेली एकादशी चौबीस बार आती है।
| तिथि | पर्व | तिथि नाम |
|---|---|---|
| 3 जन॰रविवार | एकादशी | Krishna EkadashiMargashirsha (अमांत) / Pausha (पूर्णिमांत) |
| 5 जन॰मंगलवार | मासिक शिवरात्रिभद्रा 09:56 पूर्वाह्न तक | Krishna ChaturdashiMargashirsha (अमांत) / Pausha (पूर्णिमांत) |
| 5 जन॰मंगलवार | प्रदोष व्रत | Krishna TrayodashiMargashirsha (अमांत) / Pausha (पूर्णिमांत) |
| 7 जन॰गुरुवार | अमावस्या | AmavasyaMargashirsha (अमांत) / Pausha (पूर्णिमांत) |
| 11 जन॰सोमवार | विनायक चतुर्थीभद्रा 11:29 पूर्वाह्न तक | Shukla ChaturthiPausha |
| 16 जन॰शनिवार | मासिक दुर्गाष्टमीभद्रा 02:04 पूर्वाह्न तक | Shukla AshtamiPausha |
| 19 जन॰मंगलवार | एकादशीभद्रा 07:49 पूर्वाह्न तक | Shukla EkadashiPausha |
| 20 जन॰बुधवार | प्रदोष व्रत | Shukla TrayodashiPausha |
| 22 जन॰शुक्रवार | पूर्णिमाभद्रा 07:38 पूर्वाह्न तक | PurnimaPausha |
| 25 जन॰सोमवार | संकष्टी चतुर्थी | Krishna ChaturthiPausha |
| 2 फ़र॰मंगलवार | एकादशी | Krishna EkadashiPausha |
| 3 फ़र॰बुधवार | प्रदोष व्रत | Krishna TrayodashiPausha |
| 4 फ़र॰गुरुवार | मासिक शिवरात्रिभद्रा 05:50 पूर्वाह्न तक | Krishna ChaturdashiPausha |
| 6 फ़र॰शनिवार | अमावस्या | AmavasyaPausha |
| 10 फ़र॰बुधवार | विनायक चतुर्थीभद्रा 03:05 पूर्वाह्न तक | Shukla ChaturthiMagha |
| 14 फ़र॰रविवार | मासिक दुर्गाष्टमीभद्रा 01:28 अपराह्न तक | Shukla AshtamiMagha |
| 17 फ़र॰बुधवार | एकादशीभद्रा 05:32 अपराह्न तक | Shukla EkadashiMagha |
| 18 फ़र॰गुरुवार | प्रदोष व्रत | Shukla TrayodashiMagha |
| 20 फ़र॰शनिवार | पूर्णिमायह तिथि दो निर्णायक क्षणों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाती है, इसलिए नियम अकेले दिन तय नहीं करता। यहाँ वह दिन दिया गया है जिसमें तिथि का अधिकांश भाग पड़ता है।भद्रा 06:25 अपराह्न तक | PurnimaMagha |
| 24 फ़र॰बुधवार | संकष्टी चतुर्थीयह तिथि दो निर्णायक क्षणों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाती है, इसलिए नियम अकेले दिन तय नहीं करता। यहाँ वह दिन दिया गया है जिसमें तिथि का अधिकांश भाग पड़ता है। | Krishna ChaturthiMagha |
| 3 मार्चबुधवार | एकादशीयह तिथि लगातार दो दिन निर्णायक क्षण को घेरती है, इसलिए कुछ पंचांग इस पर्व को अगले दिन रखते हैं। दोनों पाठ मान्य हैं। | Krishna EkadashiMagha |
| 5 मार्चशुक्रवार | प्रदोष व्रत | Krishna TrayodashiMagha |
| 6 मार्चशनिवार | मासिक शिवरात्रिभद्रा 12:59 पूर्वाह्न तक | Krishna ChaturdashiMagha |
| 8 मार्चसोमवार | अमावस्या | AmavasyaMagha |
| 12 मार्चशुक्रवार | विनायक चतुर्थीभद्रा 02:57 अपराह्न तक | Shukla ChaturthiPhalguna |
| 16 मार्चमंगलवार | मासिक दुर्गाष्टमीभद्रा 09:55 अपराह्न तक | Shukla AshtamiPhalguna |
| 18 मार्चगुरुवार | एकादशीभद्रा 01:51 पूर्वाह्न तक | Shukla EkadashiPhalguna |
| 20 मार्चशनिवार | प्रदोष व्रत | Shukla TrayodashiPhalguna |
| 22 मार्चसोमवार | पूर्णिमाभद्रा 05:15 पूर्वाह्न तक | PurnimaPhalguna |
| 25 मार्चगुरुवार | संकष्टी चतुर्थी | Krishna ChaturthiPhalguna |
| 2 अप्रैलशुक्रवार | एकादशी | Krishna EkadashiPhalguna |
| 4 अप्रैलरविवार | प्रदोष व्रत | Krishna TrayodashiPhalguna |
| 5 अप्रैलसोमवार | मासिक शिवरात्रिभद्रा 05:37 अपराह्न तक | Krishna ChaturdashiPhalguna |
| 6 अप्रैलमंगलवार | अमावस्या | AmavasyaPhalguna |
| 10 अप्रैलशनिवार | विनायक चतुर्थीभद्रा 11:40 अपराह्न तक | Shukla ChaturthiChaitra |
| 14 अप्रैलबुधवार | मासिक दुर्गाष्टमीभद्रा 04:26 पूर्वाह्न तक | Shukla AshtamiChaitra |
| 17 अप्रैलशनिवार | एकादशीभद्रा 09:28 पूर्वाह्न तक | Shukla EkadashiChaitra |
| 18 अप्रैलरविवार | प्रदोष व्रत | Shukla TrayodashiChaitra |
| 20 अप्रैलमंगलवार | पूर्णिमाभद्रा 04:21 अपराह्न तक | PurnimaChaitra |
| 24 अप्रैलशनिवार | संकष्टी चतुर्थी | Krishna ChaturthiChaitra |
| 2 मईरविवार | एकादशी | Krishna EkadashiChaitra |
| 4 मईमंगलवार | मासिक शिवरात्रिभद्रा 06:59 पूर्वाह्न तक | Krishna ChaturdashiChaitra |
| 4 मईमंगलवार | प्रदोष व्रत | Krishna TrayodashiChaitra |
| 6 मईगुरुवार | अमावस्या | AmavasyaChaitra |
| 9 मईरविवार | विनायक चतुर्थीभद्रा 06:23 पूर्वाह्न तक | Shukla ChaturthiVaishakha |
| 13 मईगुरुवार | मासिक दुर्गाष्टमीभद्रा 10:13 पूर्वाह्न तक | Shukla AshtamiVaishakha |
| 16 मईरविवार | एकादशीभद्रा 05:13 अपराह्न तक | Shukla EkadashiVaishakha |
| 17 मईसोमवार | प्रदोष व्रत | Shukla TrayodashiVaishakha |
| 20 मईगुरुवार | पूर्णिमाभद्रा 04:12 पूर्वाह्न तक | PurnimaVaishakha |
| 23 मईरविवार | संकष्टी चतुर्थीयह तिथि लगातार दो दिन निर्णायक क्षण को घेरती है, इसलिए कुछ पंचांग इस पर्व को अगले दिन रखते हैं। दोनों पाठ मान्य हैं। | Krishna ChaturthiVaishakha |
| 1 जूनमंगलवार | एकादशी | Krishna EkadashiVaishakha |
| 2 जूनबुधवार | प्रदोष व्रत | Krishna TrayodashiVaishakha |
| 3 जूनगुरुवार | मासिक शिवरात्रिभद्रा 05:24 अपराह्न तक | Krishna ChaturdashiVaishakha |
| 4 जूनशुक्रवार | अमावस्या | AmavasyaVaishakha |
| 8 जूनमंगलवार | विनायक चतुर्थीभद्रा 12:22 अपराह्न तक | Shukla ChaturthiJyeshtha |
| 11 जूनशुक्रवार | मासिक दुर्गाष्टमीभद्रा 04:26 अपराह्न तक | Shukla AshtamiJyeshtha |
| 14 जूनसोमवार | एकादशीभद्रा 02:08 पूर्वाह्न तक | Shukla EkadashiJyeshtha |
| 16 जूनबुधवार | प्रदोष व्रत | Shukla TrayodashiJyeshtha |
| 18 जूनशुक्रवार | पूर्णिमायह तिथि लगातार दो दिन निर्णायक क्षण को घेरती है, इसलिए कुछ पंचांग इस पर्व को अगले दिन रखते हैं। दोनों पाठ मान्य हैं।भद्रा 05:21 अपराह्न तक | PurnimaJyeshtha |
| 22 जूनमंगलवार | संकष्टी चतुर्थी | Krishna ChaturthiJyeshtha |
| 30 जूनबुधवार | एकादशी | Krishna EkadashiJyeshtha |
| 1 जुल॰गुरुवार | प्रदोष व्रत | Krishna TrayodashiJyeshtha |
| 2 जुल॰शुक्रवार | मासिक शिवरात्रिभद्रा 01:47 पूर्वाह्न तक | Krishna ChaturdashiJyeshtha |
| 4 जुल॰रविवार | अमावस्या | AmavasyaJyeshtha |
| 7 जुल॰बुधवार | विनायक चतुर्थीभद्रा 06:44 अपराह्न तक | Shukla ChaturthiAshadha |
| 11 जुल॰रविवार | मासिक दुर्गाष्टमीभद्रा 12:09 पूर्वाह्न तक | Shukla AshtamiAshadha |
| 14 जुल॰बुधवार | एकादशीभद्रा 01:10 अपराह्न तक | Shukla EkadashiAshadha |
| 15 जुल॰गुरुवार | प्रदोष व्रत | Shukla TrayodashiAshadha |
| 18 जुल॰रविवार | पूर्णिमाभद्रा 08:00 पूर्वाह्न तक | PurnimaAshadha |
| 22 जुल॰गुरुवार | संकष्टी चतुर्थी | Krishna ChaturthiAshadha |
| 29 जुल॰गुरुवार | एकादशीयह तिथि दो निर्णायक क्षणों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाती है, इसलिए नियम अकेले दिन तय नहीं करता। यहाँ वह दिन दिया गया है जिसमें तिथि का अधिकांश भाग पड़ता है। | Krishna EkadashiAshadha |
| 31 जुल॰शनिवार | मासिक शिवरात्रिभद्रा 09:10 पूर्वाह्न तक | Krishna ChaturdashiAshadha |
| 31 जुल॰शनिवार | प्रदोष व्रत | Krishna TrayodashiAshadha |
| 2 अग॰सोमवार | अमावस्या | AmavasyaAshadha |
| 5 अग॰गुरुवार | विनायक चतुर्थीभद्रा 02:27 पूर्वाह्न तक | Shukla ChaturthiShravana |
| 9 अग॰सोमवार | मासिक दुर्गाष्टमीभद्रा 10:24 पूर्वाह्न तक | Shukla AshtamiShravana |
| 12 अग॰गुरुवार | एकादशीभद्रा 03:00 पूर्वाह्न तक | Shukla EkadashiShravana |
| 14 अग॰शनिवार | प्रदोष व्रत | Shukla TrayodashiShravana |
| 17 अग॰मंगलवार | पूर्णिमाभद्रा 11:45 अपराह्न तक | PurnimaShravana |
| 20 अग॰शुक्रवार | संकष्टी चतुर्थी | Krishna ChaturthiShravana |
| 28 अग॰शनिवार | एकादशी | Krishna EkadashiShravana |
| 29 अग॰रविवार | प्रदोष व्रत | Krishna TrayodashiShravana |
| 30 अग॰सोमवार | मासिक शिवरात्रिभद्रा 04:27 अपराह्न तक | Krishna ChaturdashiShravana |
| 31 अग॰मंगलवार | अमावस्या | AmavasyaShravana |
| 4 सित॰शनिवार | विनायक चतुर्थीभद्रा 12:26 अपराह्न तक | Shukla ChaturthiBhadrapada |
| 8 सित॰बुधवार | मासिक दुर्गाष्टमीभद्रा 12:01 पूर्वाह्न तक | Shukla AshtamiBhadrapada |
| 11 सित॰शनिवार | एकादशीभद्रा 07:36 अपराह्न तक | Shukla EkadashiBhadrapada |
| 13 सित॰सोमवार | प्रदोष व्रत | Shukla TrayodashiBhadrapada |
| 15 सित॰बुधवार | पूर्णिमाभद्रा 03:44 अपराह्न तक | PurnimaBhadrapada |
| 19 सित॰रविवार | संकष्टी चतुर्थी | Krishna ChaturthiBhadrapada |
| 26 सित॰रविवार | एकादशी | Krishna EkadashiBhadrapada |
| 27 सित॰सोमवार | प्रदोष व्रत | Krishna TrayodashiBhadrapada |
| 28 सित॰मंगलवार | मासिक शिवरात्रिभद्रा 12:24 पूर्वाह्न तक | Krishna ChaturdashiBhadrapada |
| 30 सित॰गुरुवार | अमावस्या | AmavasyaBhadrapada |
| 3 अक्टू॰रविवार | विनायक चतुर्थीभद्रा 01:28 पूर्वाह्न तक | Shukla ChaturthiAshwina |
| 7 अक्टू॰गुरुवार | मासिक दुर्गाष्टमीयह तिथि लगातार दो दिन निर्णायक क्षण को घेरती है, इसलिए कुछ पंचांग इस पर्व को अगले दिन रखते हैं। दोनों पाठ मान्य हैं।भद्रा 05:17 अपराह्न तक | Shukla AshtamiAshwina |
| 11 अक्टू॰सोमवार | एकादशीभद्रा 02:09 अपराह्न तक | Shukla EkadashiAshwina |
| 12 अक्टू॰मंगलवार | प्रदोष व्रत | Shukla TrayodashiAshwina |
| 15 अक्टू॰शुक्रवार | पूर्णिमाभद्रा 07:07 पूर्वाह्न तक | PurnimaAshwina |
| 18 अक्टू॰सोमवार | संकष्टी चतुर्थी | Krishna ChaturthiAshwina |
| 25 अक्टू॰सोमवार | एकादशी | Krishna EkadashiAshwina |
| 27 अक्टू॰बुधवार | मासिक शिवरात्रिभद्रा 09:47 पूर्वाह्न तक | Krishna ChaturdashiAshwina |
| 27 अक्टू॰बुधवार | प्रदोष व्रत | Krishna TrayodashiAshwina |
| 29 अक्टू॰शुक्रवार | अमावस्या | AmavasyaAshwina |
| 2 नव॰मंगलवार | विनायक चतुर्थीभद्रा 06:02 अपराह्न तक | Shukla ChaturthiKartika |
| 6 नव॰शनिवार | मासिक दुर्गाष्टमीभद्रा 01:30 अपराह्न तक | Shukla AshtamiKartika |
| 10 नव॰बुधवार | एकादशीभद्रा 09:11 पूर्वाह्न तक | Shukla EkadashiKartika |
| 11 नव॰गुरुवार | प्रदोष व्रत | Shukla TrayodashiKartika |
| 14 नव॰रविवार | पूर्णिमाभद्रा 09:29 अपराह्न तक | PurnimaKartika |
| 17 नव॰बुधवार | संकष्टी चतुर्थी | Krishna ChaturthiKartika |
| 24 नव॰बुधवार | एकादशी | Krishna EkadashiKartika |
| 25 नव॰गुरुवार | प्रदोष व्रत | Krishna TrayodashiKartika |
| 26 नव॰शुक्रवार | मासिक शिवरात्रिभद्रा 09:24 अपराह्न तक | Krishna ChaturdashiKartika |
| 28 नव॰रविवार | अमावस्या | AmavasyaKartika |
| 1 दिस॰बुधवार | विनायक चतुर्थीयह तिथि लगातार दो दिन निर्णायक क्षण को घेरती है, इसलिए कुछ पंचांग इस पर्व को अगले दिन रखते हैं। दोनों पाठ मान्य हैं।भद्रा 01:44 अपराह्न तक | Shukla ChaturthiMargashirsha |
| 6 दिस॰सोमवार | मासिक दुर्गाष्टमीभद्रा 10:52 पूर्वाह्न तक | Shukla AshtamiMargashirsha |
| 9 दिस॰गुरुवार | एकादशीभद्रा 03:20 पूर्वाह्न तक | Shukla EkadashiMargashirsha |
| 11 दिस॰शनिवार | प्रदोष व्रत | Shukla TrayodashiMargashirsha |
| 13 दिस॰सोमवार | पूर्णिमाभद्रा 10:50 पूर्वाह्न तक | PurnimaMargashirsha |
| 16 दिस॰गुरुवार | संकष्टी चतुर्थी | Krishna ChaturthiMargashirsha |
| 23 दिस॰गुरुवार | एकादशी | Krishna EkadashiMargashirsha |
| 25 दिस॰शनिवार | मासिक शिवरात्रियह तिथि लगातार दो दिन निर्णायक क्षण को घेरती है, इसलिए कुछ पंचांग इस पर्व को अगले दिन रखते हैं। दोनों पाठ मान्य हैं।भद्रा 11:54 पूर्वाह्न तक | Krishna ChaturdashiMargashirsha |
| 25 दिस॰शनिवार | प्रदोष व्रत | Krishna TrayodashiMargashirsha |
| 27 दिस॰सोमवार | अमावस्या | AmavasyaMargashirsha |
| 31 दिस॰शुक्रवार | विनायक चतुर्थीभद्रा 10:55 पूर्वाह्न तक | Shukla ChaturthiPausha |
हिंदू कैलेंडर
वर्ष के अनुसार कैलेंडर
पूरा वर्ष एक ही सूची में: सभी नामी पर्व और सभी मासिक व्रत, हर एक की तिथि के साथ।
हिंदू कैलेंडर
ये तिथियाँ कैसे निकाली जाती हैं
हर पर्व एक चंद्र मास, एक पक्ष और एक तिथि है। मास वही हिस्सा है जिसमें ज़्यादातर कैलेंडर चूकते हैं, क्योंकि चंद्र मास का नाम सूर्य से पड़ता है: जो मास सूर्य के मीन में रहते शुरू हो वह चैत्र है, जो मेष में रहते शुरू हो वह वैशाख, और इसी क्रम में आगे।
यही नियम अधिक मास भी तय कर देता है। बारह चंद्र मास 354 दिन के होते हैं और वर्ष 365 का, इसलिए हर दो-तीन साल में कोई एक चंद्र मास ऐसा पड़ता है जिसमें कोई संक्रांति नहीं होती। वही अधिक मास है, उसका नाम अगले मास जैसा ही होता है, और उसमें कोई पर्व नहीं मनाया जाता। इसे चूकिए तो बाक़ी पूरे वर्ष के पर्व एक महीना पहले जा गिरते हैं।
फिर दूसरा सवाल आता है, जो ज़्यादा कठिन है: तिथि 21.5 से 26 घंटे तक की होती है, इसलिए वह कैलेंडर के दिन से नहीं मिलती। तिथि का उस समय मौजूद होना ज़रूरी है जिस समय कर्म वास्तव में किया जाता है। गणेश चतुर्थी मध्याह्न में स्थापित होती है, विजयादशमी दिन के चौथे पंचमांश में, दिवाली सूर्यास्त के बाद प्रदोष में, महाशिवरात्रि सौर मध्यरात्रि में, और करवा चौथ चंद्रोदय पर। केवल सामान्य नियम सूर्योदय का है।
हिंदू कैलेंडर
सवाल
- दूसरी साइट अलग तारीख़ क्यों दिखाती है?
- आम तौर पर तीन में से एक वजह होती है। हो सकता है वह ऐसे पर्व के लिए सूर्योदय की तिथि ले रही हो जिसका कर्म मध्याह्न या मध्यरात्रि का है, जिससे शायद हर तीसरे साल तारीख़ एक दिन खिसक जाती है। हो सकता है वह पूर्णिमांत महीने का नाम अमांत गणना में डाल रही हो, जिससे तारीख़ पूरे एक महीने खिसक जाती है। या फिर तिथि सचमुच लगातार दो दिन निर्णायक क्षण को घेरती हो, ऐसे में दोनों तारीख़ें मान्य हैं और यह पेज उसी पर्व के साथ यह बात लिख देता है।
- यह पेज अमांत मानता है या पूर्णिमांत?
- गणना अमांत में होती है और नाम दोनों दिखाए जाते हैं। कृष्ण पक्ष में दोनों आधे महीने के अंतर पर चलते हैं, इसलिए महाशिवरात्रि पुणे में माघ कृष्ण चतुर्दशी है और दिल्ली में फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी। रात एक ही, महीने के नाम दो। एक में गणना और दोनों का प्रदर्शन ही वह चीज़ है जो उत्तर भारतीय स्रोत से लिया गया नियम एक महीना ग़लत जाने से रोकती है।
- अधिक मास क्या होता है?
- वह अधिमास जो तब जोड़ा जाता है जब किसी चंद्र मास में कोई संक्रांति नहीं पड़ती। उसका नाम अगले मास जैसा ही होता है, इसलिए एक वर्ष में अधिक श्रावण और फिर निज श्रावण दोनों आ सकते हैं। उसमें कोई पर्व नहीं होता। 2020 में शारदीय नवरात्रि सितंबर की जगह 17 अक्टूबर को इसी कारण शुरू हुई थी।
- क्या ये तिथियाँ मेरे शहर के लिए सही हैं?
- भारत में कहीं भी, हाँ। भारतीय पंचांग एक ही राष्ट्रीय कैलेंडर छापते हैं जो संदर्भ मध्याह्न रेखा पर बनता है, क्योंकि शहर बदलने पर बदल जाने वाली दिवाली किसी काम की नहीं। जिन सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय पर नियम परखा जाता है वे पूरे देश में एक घंटे से भी कम आगे-पीछे होते हैं, और इससे तिथि का दिन लगभग कभी नहीं बदलता।