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हिंदू कैलेंडर

हिंदू कैलेंडर 2028 — त्योहारों की तिथियाँ

2028 के सभी हिंदू पर्व, हर एक की तिथि और उसे तय करने वाले नियम के साथ। तिथियाँ ऐफ़ेमेरिस से गणना की गई हैं, और जहाँ पंचांगों में सचमुच मतभेद है वहाँ पर्व के साथ यही लिखा है, किसी एक पक्ष को चुपचाप चुना नहीं गया।

Delhi के लिए गणना, वही संदर्भ मध्याह्न रेखा जिस पर भारतीय पंचांग छपते हैं। त्योहारों की तिथियाँ शहर के हिसाब से नहीं छापी जातीं: जो दिवाली दिल्ली और चेन्नई के बीच बदल जाए वह योजना बनाने के काम की नहीं रहती।

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2028 के त्योहार

नामी वार्षिक पर्व, तिथि क्रम में। किसी पर भी जाइए और उसका नियम, उसकी तिथि तथा दूसरे वर्षों की तारीख़ें मिलेंगी।

तिथिपर्वतिथि नाम
15 जन॰शनिवारमकर संक्रांति
1 फ़र॰मंगलवारवसंत पंचमीShukla PanchamiMagha
23 फ़र॰बुधवारमहाशिवरात्रिभद्रा 12:05 पूर्वाह्न तकKrishna ChaturdashiMagha
10 मार्चशुक्रवारहोलिका दहनभद्रा 08:28 अपराह्न तकPurnimaPhalguna
11 मार्चशनिवारहोलीभद्रा 08:28 अपराह्न तकPurnimaPhalguna
27 मार्चसोमवारगुड़ी पड़वाShukla PratipadaChaitra
3 अप्रैलसोमवारराम नवमीShukla NavamiChaitra
9 अप्रैलरविवारहनुमान जयंतीभद्रा 05:32 पूर्वाह्न तकPurnimaChaitra
14 अप्रैलशुक्रवारमेष संक्रांति
27 अप्रैलगुरुवारअक्षय तृतीयाShukla TritiyaVaishakha
8 मईसोमवारबुद्ध पूर्णिमाभद्रा 02:23 अपराह्न तकPurnimaVaishakha
24 जूनशनिवाररथ यात्राShukla DwitiyaAshadha
6 जुल॰गुरुवारगुरु पूर्णिमाभद्रा 11:18 पूर्वाह्न तकPurnimaAshadha
26 जुल॰बुधवारनाग पंचमीShukla PanchamiShravana
5 अग॰शनिवाररक्षाबंधनभद्रा 12:43 पूर्वाह्न तकPurnimaShravana
13 अग॰रविवारकृष्ण जन्माष्टमीKrishna AshtamiShravana
22 अग॰मंगलवारहरतालिका तीजयह तिथि दो निर्णायक क्षणों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाती है, इसलिए नियम अकेले दिन तय नहीं करता। यहाँ वह दिन दिया गया है जिसमें तिथि का अधिकांश भाग पड़ता है।Shukla TritiyaBhadrapada
23 अग॰बुधवारगणेश चतुर्थीभद्रा 01:55 पूर्वाह्न तकShukla ChaturthiBhadrapada
2 सित॰शनिवारअनंत चतुर्दशीShukla ChaturdashiBhadrapada
3 सित॰रविवारपितृ पक्ष आरंभभद्रा 04:04 अपराह्न तकPurnimaBhadrapada
18 सित॰सोमवारसर्व पितृ अमावस्याAmavasyaBhadrapada
19 सित॰मंगलवारशारदीय नवरात्रि आरंभShukla PratipadaAshwina
26 सित॰मंगलवारदुर्गा अष्टमीभद्रा 06:40 अपराह्न तकShukla AshtamiAshwina
27 सित॰बुधवारमहानवमीShukla NavamiAshwina
27 सित॰बुधवारविजयादशमीShukla DashamiAshwina
2 अक्टू॰सोमवारशरद पूर्णिमाभद्रा 08:45 पूर्वाह्न तकPurnimaAshwina
7 अक्टू॰शनिवारकरवा चौथKrishna ChaturthiAshwina
16 अक्टू॰सोमवारधनतेरसयह तिथि दो निर्णायक क्षणों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाती है, इसलिए नियम अकेले दिन तय नहीं करता। यहाँ वह दिन दिया गया है जिसमें तिथि का अधिकांश भाग पड़ता है।Krishna TrayodashiAshwina
17 अक्टू॰मंगलवारदीपावलीAmavasyaAshwina
17 अक्टू॰मंगलवारनरक चतुर्दशीभद्रा 01:56 पूर्वाह्न तकKrishna ChaturdashiAshwina
18 अक्टू॰बुधवारगोवर्धन पूजायह तिथि दो निर्णायक क्षणों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाती है, इसलिए नियम अकेले दिन तय नहीं करता। यहाँ वह दिन दिया गया है जिसमें तिथि का अधिकांश भाग पड़ता है।Shukla PratipadaKartika
19 अक्टू॰गुरुवारभाई दूजShukla DwitiyaKartika
23 अक्टू॰सोमवारछठ पूजाShukla ShashthiKartika
28 अक्टू॰शनिवारदेवउठनी एकादशीभद्रा 06:21 पूर्वाह्न तकShukla EkadashiKartika
2 नव॰गुरुवारकार्तिक पूर्णिमाभद्रा 02:00 पूर्वाह्न तकPurnimaKartika
27 नव॰सोमवारगीता जयंतीभद्रा 02:18 पूर्वाह्न तकShukla EkadashiMargashirsha

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एकादशी, पूर्णिमा और मासिक व्रत

ये हर चंद्र मास में लौटते हैं, वर्ष में एक बार नहीं, इसलिए इनकी संख्या लगभग एक सौ बीस है। अकेली एकादशी चौबीस बार आती है।

तिथिपर्वतिथि नाम
5 जन॰बुधवारमासिक दुर्गाष्टमीभद्रा 07:10 पूर्वाह्न तकShukla AshtamiPausha
8 जन॰शनिवारएकादशीभद्रा 07:36 अपराह्न तकShukla EkadashiPausha
9 जन॰रविवारप्रदोष व्रतShukla TrayodashiPausha
12 जन॰बुधवारपूर्णिमाभद्रा 11:11 अपराह्न तकPurnimaPausha
15 जन॰शनिवारसंकष्टी चतुर्थीयह तिथि दो निर्णायक क्षणों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाती है, इसलिए नियम अकेले दिन तय नहीं करता। यहाँ वह दिन दिया गया है जिसमें तिथि का अधिकांश भाग पड़ता है।Krishna ChaturthiPausha
22 जन॰शनिवारएकादशीKrishna EkadashiPausha
23 जन॰रविवारप्रदोष व्रतKrishna TrayodashiPausha
24 जन॰सोमवारमासिक शिवरात्रिभद्रा 05:10 पूर्वाह्न तकKrishna ChaturdashiPausha
26 जन॰बुधवारअमावस्याAmavasyaPausha
30 जन॰रविवारविनायक चतुर्थीभद्रा 07:15 पूर्वाह्न तकShukla ChaturthiMagha
4 फ़र॰शुक्रवारमासिक दुर्गाष्टमीभद्रा 12:40 पूर्वाह्न तकShukla AshtamiMagha
7 फ़र॰सोमवारएकादशीभद्रा 09:25 पूर्वाह्न तकShukla EkadashiMagha
8 फ़र॰मंगलवारप्रदोष व्रतShukla TrayodashiMagha
10 फ़र॰गुरुवारपूर्णिमाभद्रा 10:26 पूर्वाह्न तकPurnimaMagha
13 फ़र॰रविवारसंकष्टी चतुर्थीKrishna ChaturthiMagha
20 फ़र॰रविवारएकादशीKrishna EkadashiMagha
22 फ़र॰मंगलवारप्रदोष व्रतKrishna TrayodashiMagha
23 फ़र॰बुधवारमासिक शिवरात्रिभद्रा 12:05 पूर्वाह्न तकKrishna ChaturdashiMagha
25 फ़र॰शुक्रवारअमावस्याAmavasyaMagha
29 फ़र॰मंगलवारविनायक चतुर्थीभद्रा 12:43 पूर्वाह्न तकShukla ChaturthiPhalguna
4 मार्चशनिवारमासिक दुर्गाष्टमीभद्रा 02:32 अपराह्न तकShukla AshtamiPhalguna
7 मार्चमंगलवारएकादशीभद्रा 08:30 अपराह्न तकShukla EkadashiPhalguna
8 मार्चबुधवारप्रदोष व्रतShukla TrayodashiPhalguna
11 मार्चशनिवारपूर्णिमाभद्रा 08:28 अपराह्न तकPurnimaPhalguna
13 मार्चसोमवारसंकष्टी चतुर्थीKrishna ChaturthiPhalguna
21 मार्चमंगलवारएकादशीKrishna EkadashiPhalguna
23 मार्चगुरुवारप्रदोष व्रतKrishna TrayodashiPhalguna
24 मार्चशुक्रवारमासिक शिवरात्रिभद्रा 06:47 अपराह्न तकKrishna ChaturdashiPhalguna
26 मार्चरविवारअमावस्याAmavasyaPhalguna
30 मार्चगुरुवारविनायक चतुर्थीभद्रा 02:30 अपराह्न तकShukla ChaturthiChaitra
3 अप्रैलसोमवारमासिक दुर्गाष्टमीभद्रा 12:45 पूर्वाह्न तकShukla AshtamiChaitra
5 अप्रैलबुधवारएकादशीयह तिथि दो निर्णायक क्षणों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाती है, इसलिए नियम अकेले दिन तय नहीं करता। यहाँ वह दिन दिया गया है जिसमें तिथि का अधिकांश भाग पड़ता है।भद्रा 04:58 पूर्वाह्न तकShukla EkadashiChaitra
7 अप्रैलशुक्रवारप्रदोष व्रतShukla TrayodashiChaitra
9 अप्रैलरविवारपूर्णिमाभद्रा 05:32 पूर्वाह्न तकPurnimaChaitra
12 अप्रैलबुधवारसंकष्टी चतुर्थीKrishna ChaturthiChaitra
20 अप्रैलगुरुवारएकादशीKrishna EkadashiChaitra
22 अप्रैलशनिवारमासिक शिवरात्रियह तिथि लगातार दो दिन निर्णायक क्षण को घेरती है, इसलिए कुछ पंचांग इस पर्व को अगले दिन रखते हैं। दोनों पाठ मान्य हैं।भद्रा 11:42 पूर्वाह्न तकKrishna ChaturdashiChaitra
22 अप्रैलशनिवारप्रदोष व्रतKrishna TrayodashiChaitra
24 अप्रैलसोमवारअमावस्याAmavasyaChaitra
28 अप्रैलशुक्रवारविनायक चतुर्थीभद्रा 12:47 पूर्वाह्न तकShukla ChaturthiVaishakha
2 मईमंगलवारमासिक दुर्गाष्टमीभद्रा 07:55 पूर्वाह्न तकShukla AshtamiVaishakha
5 मईशुक्रवारएकादशीभद्रा 11:33 पूर्वाह्न तकShukla EkadashiVaishakha
6 मईशनिवारप्रदोष व्रतShukla TrayodashiVaishakha
8 मईसोमवारपूर्णिमाभद्रा 02:23 अपराह्न तकPurnimaVaishakha
12 मईशुक्रवारसंकष्टी चतुर्थीयह तिथि दो निर्णायक क्षणों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाती है, इसलिए नियम अकेले दिन तय नहीं करता। यहाँ वह दिन दिया गया है जिसमें तिथि का अधिकांश भाग पड़ता है।Krishna ChaturthiVaishakha
20 मईशनिवारएकादशीKrishna EkadashiVaishakha
21 मईरविवारप्रदोष व्रतKrishna TrayodashiVaishakha
22 मईसोमवारमासिक शिवरात्रिभद्रा 02:10 पूर्वाह्न तकKrishna ChaturdashiVaishakha
24 मईबुधवारअमावस्याAmavasyaVaishakha
27 मईशनिवारविनायक चतुर्थीभद्रा 08:22 पूर्वाह्न तकShukla ChaturthiJyeshtha
31 मईबुधवारमासिक दुर्गाष्टमीभद्रा 01:06 अपराह्न तकShukla AshtamiJyeshtha
3 जूनशनिवारएकादशीभद्रा 05:26 अपराह्न तकShukla EkadashiJyeshtha
4 जूनरविवारप्रदोष व्रतShukla TrayodashiJyeshtha
7 जूनबुधवारपूर्णिमाभद्रा 12:00 पूर्वाह्न तकPurnimaJyeshtha
10 जूनशनिवारसंकष्टी चतुर्थीKrishna ChaturthiJyeshtha
18 जूनरविवारएकादशीKrishna EkadashiJyeshtha
20 जूनमंगलवारप्रदोष व्रतKrishna TrayodashiJyeshtha
21 जूनबुधवारमासिक शिवरात्रिभद्रा 02:17 अपराह्न तकKrishna ChaturdashiJyeshtha
22 जूनगुरुवारअमावस्याAmavasyaJyeshtha
26 जूनसोमवारविनायक चतुर्थीभद्रा 02:17 अपराह्न तकShukla ChaturthiAshadha
29 जूनगुरुवारमासिक दुर्गाष्टमीयह तिथि दो निर्णायक क्षणों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाती है, इसलिए नियम अकेले दिन तय नहीं करता। यहाँ वह दिन दिया गया है जिसमें तिथि का अधिकांश भाग पड़ता है।भद्रा 05:40 अपराह्न तकShukla AshtamiAshadha
2 जुल॰रविवारएकादशीभद्रा 12:04 पूर्वाह्न तकShukla EkadashiAshadha
4 जुल॰मंगलवारप्रदोष व्रतShukla TrayodashiAshadha
6 जुल॰गुरुवारपूर्णिमाभद्रा 11:18 पूर्वाह्न तकPurnimaAshadha
10 जुल॰सोमवारसंकष्टी चतुर्थीKrishna ChaturthiAshadha
18 जुल॰मंगलवारएकादशीKrishna EkadashiAshadha
19 जुल॰बुधवारप्रदोष व्रतKrishna TrayodashiAshadha
20 जुल॰गुरुवारमासिक शिवरात्रिभद्रा 12:31 पूर्वाह्न तकKrishna ChaturdashiAshadha
22 जुल॰शनिवारअमावस्याAmavasyaAshadha
25 जुल॰मंगलवारविनायक चतुर्थीभद्रा 07:42 अपराह्न तकShukla ChaturthiShravana
29 जुल॰शनिवारमासिक दुर्गाष्टमीभद्रा 11:10 अपराह्न तकShukla AshtamiShravana
1 अग॰मंगलवारएकादशीभद्रा 08:51 पूर्वाह्न तकShukla EkadashiShravana
2 अग॰बुधवारप्रदोष व्रतShukla TrayodashiShravana
5 अग॰शनिवारपूर्णिमाभद्रा 12:43 पूर्वाह्न तकPurnimaShravana
8 अग॰मंगलवारसंकष्टी चतुर्थीयह तिथि लगातार दो दिन निर्णायक क्षण को घेरती है, इसलिए कुछ पंचांग इस पर्व को अगले दिन रखते हैं। दोनों पाठ मान्य हैं।Krishna ChaturthiShravana
16 अग॰बुधवारएकादशीKrishna EkadashiShravana
18 अग॰शुक्रवारमासिक शिवरात्रिभद्रा 09:27 पूर्वाह्न तकKrishna ChaturdashiShravana
18 अग॰शुक्रवारप्रदोष व्रतKrishna TrayodashiShravana
20 अग॰रविवारअमावस्याAmavasyaShravana
23 अग॰बुधवारविनायक चतुर्थीभद्रा 01:55 पूर्वाह्न तकShukla ChaturthiBhadrapada
27 अग॰रविवारमासिक दुर्गाष्टमीभद्रा 07:05 पूर्वाह्न तकShukla AshtamiBhadrapada
30 अग॰बुधवारएकादशीभद्रा 08:47 अपराह्न तकShukla EkadashiBhadrapada
1 सित॰शुक्रवारप्रदोष व्रतShukla TrayodashiBhadrapada
3 सित॰रविवारपूर्णिमाभद्रा 04:04 अपराह्न तकPurnimaBhadrapada
7 सित॰गुरुवारसंकष्टी चतुर्थीKrishna ChaturthiBhadrapada
15 सित॰शुक्रवारएकादशीKrishna EkadashiBhadrapada
16 सित॰शनिवारप्रदोष व्रतKrishna TrayodashiBhadrapada
17 सित॰रविवारमासिक शिवरात्रिभद्रा 05:40 अपराह्न तकKrishna ChaturdashiBhadrapada
18 सित॰सोमवारअमावस्याAmavasyaBhadrapada
21 सित॰गुरुवारविनायक चतुर्थीयह तिथि दो निर्णायक क्षणों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाती है, इसलिए नियम अकेले दिन तय नहीं करता। यहाँ वह दिन दिया गया है जिसमें तिथि का अधिकांश भाग पड़ता है।भद्रा 10:15 पूर्वाह्न तकShukla ChaturthiAshwina
26 सित॰मंगलवारमासिक दुर्गाष्टमीभद्रा 06:40 अपराह्न तकShukla AshtamiAshwina
29 सित॰शुक्रवारएकादशीभद्रा 12:07 अपराह्न तकShukla EkadashiAshwina
30 सित॰शनिवारप्रदोष व्रतShukla TrayodashiAshwina
3 अक्टू॰मंगलवारपूर्णिमाभद्रा 08:45 पूर्वाह्न तकPurnimaAshwina
7 अक्टू॰शनिवारसंकष्टी चतुर्थीKrishna ChaturthiAshwina
14 अक्टू॰शनिवारएकादशीKrishna EkadashiAshwina
16 अक्टू॰सोमवारमासिक शिवरात्रिभद्रा 01:56 पूर्वाह्न तकKrishna ChaturdashiAshwina
16 अक्टू॰सोमवारप्रदोष व्रतयह तिथि दो निर्णायक क्षणों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाती है, इसलिए नियम अकेले दिन तय नहीं करता। यहाँ वह दिन दिया गया है जिसमें तिथि का अधिकांश भाग पड़ता है।Krishna TrayodashiAshwina
18 अक्टू॰बुधवारअमावस्याAmavasyaAshwina
21 अक्टू॰शनिवारविनायक चतुर्थीभद्रा 09:48 अपराह्न तकShukla ChaturthiKartika
25 अक्टू॰बुधवारमासिक दुर्गाष्टमीभद्रा 10:23 पूर्वाह्न तकShukla AshtamiKartika
28 अक्टू॰शनिवारएकादशीभद्रा 06:21 पूर्वाह्न तकShukla EkadashiKartika
30 अक्टू॰सोमवारप्रदोष व्रतShukla TrayodashiKartika
2 नव॰गुरुवारपूर्णिमाभद्रा 02:00 पूर्वाह्न तकPurnimaKartika
5 नव॰रविवारसंकष्टी चतुर्थीKrishna ChaturthiKartika
13 नव॰सोमवारएकादशीKrishna EkadashiKartika
14 नव॰मंगलवारप्रदोष व्रतKrishna TrayodashiKartika
15 नव॰बुधवारमासिक शिवरात्रियह तिथि दो निर्णायक क्षणों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाती है, इसलिए नियम अकेले दिन तय नहीं करता। यहाँ वह दिन दिया गया है जिसमें तिथि का अधिकांश भाग पड़ता है।भद्रा 11:04 पूर्वाह्न तकKrishna ChaturdashiKartika
16 नव॰गुरुवारअमावस्याAmavasyaKartika
20 नव॰सोमवारविनायक चतुर्थीभद्रा 01:07 अपराह्न तकShukla ChaturthiMargashirsha
24 नव॰शुक्रवारमासिक दुर्गाष्टमीभद्रा 05:44 पूर्वाह्न तकShukla AshtamiMargashirsha
27 नव॰सोमवारएकादशीभद्रा 02:18 पूर्वाह्न तकShukla EkadashiMargashirsha
29 नव॰बुधवारप्रदोष व्रतShukla TrayodashiMargashirsha
1 दिस॰शुक्रवारपूर्णिमायह तिथि लगातार दो दिन निर्णायक क्षण को घेरती है, इसलिए कुछ पंचांग इस पर्व को अगले दिन रखते हैं। दोनों पाठ मान्य हैं।भद्रा 06:59 अपराह्न तकPurnimaMargashirsha
5 दिस॰मंगलवारसंकष्टी चतुर्थीKrishna ChaturthiMargashirsha
12 दिस॰मंगलवारएकादशीKrishna EkadashiMargashirsha
13 दिस॰बुधवारप्रदोष व्रतKrishna TrayodashiMargashirsha
14 दिस॰गुरुवारमासिक शिवरात्रिभद्रा 09:53 अपराह्न तकKrishna ChaturdashiMargashirsha
16 दिस॰शनिवारअमावस्याAmavasyaMargashirsha
19 दिस॰मंगलवारविनायक चतुर्थीभद्रा 07:45 पूर्वाह्न तकShukla ChaturthiPausha
24 दिस॰रविवारमासिक दुर्गाष्टमीभद्रा 03:14 पूर्वाह्न तकShukla AshtamiPausha
27 दिस॰बुधवारएकादशीभद्रा 10:27 अपराह्न तकShukla EkadashiPausha
29 दिस॰शुक्रवारप्रदोष व्रतShukla TrayodashiPausha
31 दिस॰रविवारपूर्णिमाभद्रा 10:50 पूर्वाह्न तकPurnimaPausha

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वर्ष के अनुसार कैलेंडर

पूरा वर्ष एक ही सूची में: सभी नामी पर्व और सभी मासिक व्रत, हर एक की तिथि के साथ।

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ये तिथियाँ कैसे निकाली जाती हैं

हर पर्व एक चंद्र मास, एक पक्ष और एक तिथि है। मास वही हिस्सा है जिसमें ज़्यादातर कैलेंडर चूकते हैं, क्योंकि चंद्र मास का नाम सूर्य से पड़ता है: जो मास सूर्य के मीन में रहते शुरू हो वह चैत्र है, जो मेष में रहते शुरू हो वह वैशाख, और इसी क्रम में आगे।

यही नियम अधिक मास भी तय कर देता है। बारह चंद्र मास 354 दिन के होते हैं और वर्ष 365 का, इसलिए हर दो-तीन साल में कोई एक चंद्र मास ऐसा पड़ता है जिसमें कोई संक्रांति नहीं होती। वही अधिक मास है, उसका नाम अगले मास जैसा ही होता है, और उसमें कोई पर्व नहीं मनाया जाता। इसे चूकिए तो बाक़ी पूरे वर्ष के पर्व एक महीना पहले जा गिरते हैं।

फिर दूसरा सवाल आता है, जो ज़्यादा कठिन है: तिथि 21.5 से 26 घंटे तक की होती है, इसलिए वह कैलेंडर के दिन से नहीं मिलती। तिथि का उस समय मौजूद होना ज़रूरी है जिस समय कर्म वास्तव में किया जाता है। गणेश चतुर्थी मध्याह्न में स्थापित होती है, विजयादशमी दिन के चौथे पंचमांश में, दिवाली सूर्यास्त के बाद प्रदोष में, महाशिवरात्रि सौर मध्यरात्रि में, और करवा चौथ चंद्रोदय पर। केवल सामान्य नियम सूर्योदय का है।

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सवाल

दूसरी साइट अलग तारीख़ क्यों दिखाती है?
आम तौर पर तीन में से एक वजह होती है। हो सकता है वह ऐसे पर्व के लिए सूर्योदय की तिथि ले रही हो जिसका कर्म मध्याह्न या मध्यरात्रि का है, जिससे शायद हर तीसरे साल तारीख़ एक दिन खिसक जाती है। हो सकता है वह पूर्णिमांत महीने का नाम अमांत गणना में डाल रही हो, जिससे तारीख़ पूरे एक महीने खिसक जाती है। या फिर तिथि सचमुच लगातार दो दिन निर्णायक क्षण को घेरती हो, ऐसे में दोनों तारीख़ें मान्य हैं और यह पेज उसी पर्व के साथ यह बात लिख देता है।
यह पेज अमांत मानता है या पूर्णिमांत?
गणना अमांत में होती है और नाम दोनों दिखाए जाते हैं। कृष्ण पक्ष में दोनों आधे महीने के अंतर पर चलते हैं, इसलिए महाशिवरात्रि पुणे में माघ कृष्ण चतुर्दशी है और दिल्ली में फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी। रात एक ही, महीने के नाम दो। एक में गणना और दोनों का प्रदर्शन ही वह चीज़ है जो उत्तर भारतीय स्रोत से लिया गया नियम एक महीना ग़लत जाने से रोकती है।
अधिक मास क्या होता है?
वह अधिमास जो तब जोड़ा जाता है जब किसी चंद्र मास में कोई संक्रांति नहीं पड़ती। उसका नाम अगले मास जैसा ही होता है, इसलिए एक वर्ष में अधिक श्रावण और फिर निज श्रावण दोनों आ सकते हैं। उसमें कोई पर्व नहीं होता। 2020 में शारदीय नवरात्रि सितंबर की जगह 17 अक्टूबर को इसी कारण शुरू हुई थी।
क्या ये तिथियाँ मेरे शहर के लिए सही हैं?
भारत में कहीं भी, हाँ। भारतीय पंचांग एक ही राष्ट्रीय कैलेंडर छापते हैं जो संदर्भ मध्याह्न रेखा पर बनता है, क्योंकि शहर बदलने पर बदल जाने वाली दिवाली किसी काम की नहीं। जिन सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय पर नियम परखा जाता है वे पूरे देश में एक घंटे से भी कम आगे-पीछे होते हैं, और इससे तिथि का दिन लगभग कभी नहीं बदलता।